पटना , जनवरी 12 -- दरभंगा के स्वर्गीय महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह की धर्मपत्नी महारानी श्रीमती कामसुंदरी देवी का सोमवार को 93 वर्ष की उम्र में प्रातः तीन बजे निधन हो गया।
महारानी कामसुंदरी देवी की शादी महाराजा कामेश्वर सिंह से 1940 में हुई थी। महाराजा की पहली दो पत्नियों महारानी राजलक्ष्मी और महारानी कामेश्वरी प्रिया का निधन पहले ही हो चुका है।
दरभंगा की महारानी कामसुंदरी देवी का जन्म 22 अक्तूबर, 1932 को मधुबनी जिले के मंगरौनी गांव में हुआ थी।आज राज परिसर स्थित कल्याणी निवास में महारानी के देहांत के बाद मिथिला की शानदार राजसी और सांस्कृतिक परम्परा के एक युग का अंत हो गया है। उनके देहावसान से न केवल दरभंगा, बल्कि संपूर्ण मिथिलांचल तथा देश के सांस्कृतिक, सामाजिक और ऐतिहासिक जीवन में एक खालीपन आ गया है और मिथिला की धरती ने अपनी एक ऐसी विभूति को खो दिया है, जिनकी उपस्थिति मात्र से ही परंपरा, संस्कार और संवेदना का अहसास होता था।
01 अक्तूबर, 1962 को महाराजा कामेश्वर सिंह की मृत्यु के बाद महारानी कामसुंदरी देवी ने उनकी याद में 'महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन' की स्थापना की थी।
महाराजाधिराज कामेश्वर सिंह कल्याणी फाउंडेशन, दरभंगा (बिहार) ने इस अत्यंत शोकाकुल अवसर पर दिवंगत महारानी के निधन पर विनम्र श्रद्धांजलि दी है और शोकसंतप्त राजपरिवार, परिजनों तथा समस्त मिथिलावासियों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। शोक संदेश में ईश्वर से प्रार्थना की गई है कि, दिवंगत आत्मा को चिरशांति प्रदान करें तथा उनके परिवारजनों और सभी शोकाकुल व्यक्तियों को को असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति दें।
महारानी श्रीमती कामसुन्दरी देवी आज हमारे बीच शारीरिक रूप से उपस्थित भले न हों, लेकिन उनके आदर्श, संस्कार, सादगी और करुणा सदा हमारी स्मृतियों और समाज के नैतिक चेतना में जीवित रहेंगे। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अक्षय स्रोत बना रहेगा।
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