दरभंगा , अप्रैल 29 -- बिहार के दरभंगा शहर के ऐतिहासिक हराही, दिग्घी और गंगासागर तालाब के सौन्दर्यीकरण के नाम पर बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (बुडको) की ओर से मिट्टी भराई एवं संरचनात्मक निर्माण किए जाने के विरोध में तालाब बचाओ अभियान के बैनर तले बुधवार को 100 से अधिक पर्यावरण प्रेमियों ने धरना दिया गया।
हराही पोखर के पश्चिमी भिंडा पर बैठे धरनार्थियों ने व्यवस्था के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरनास्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि तालाबों के संरक्षण के नाम पर विनाशकारी कार्य किए जा रहे हैं, जिससे प्राकृतिक जलस्रोतों का अस्तित्व संकट में पड़ गया है। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के आदेश, वेटलैंड्स (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम 2017, जल निकायों के पुनर्स्थापन संबंधी दिशा-निर्देश, सर्वोच्च न्यायालय एवं पटना उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी की जा रही है। साथ ही जिला वेटलैंड्स समिति पर भी सरकारी निर्देशों की उपेक्षा का आरोप लगाया गया।
जिला प्रशासन और राज्य सरकार से तीनों तालाबों काे आरसीसी पिलर से सीमांकन करने, इसके भूमि एवं संरचनाओं का सार्वजनिक विवरण बोर्ड पर प्रदर्शित करने, अतिक्रमण हटाने, पानी से गाद निकालने, इनलेट-आउटलेट एवं कैचमेंट क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त कर वेटलैंड्स नियम 2017 के अनुरूप संरक्षण एवं प्रबंधन सुनिश्चित कराने की मांग की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित