दरभंगा , दिसम्बर 10 -- बिहार मानव अधिकार आयोग एवं बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर मानवाधिकार दिवस के अवसर पर बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दरभंगा की ओर से विभिन्न तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) संतोष कुमार पाण्डेय ने न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों, पारा विधिक स्वयंसेवकों को मानवाधिकारों के संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी नागरिकों के मानव अधिकारों को बिना किसी भेदभाव के संरक्षण करने की अपील की।
जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव आरती कुमारी के नेतृत्व में दरभंगा मंडल कारा में बंदियों के बीच मानवाधिकारों के प्रति विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
सचिव आरती कुमारी ने कहा कि मानवाधिकारों को महत्व देते हुए भारतीय संविधान में भी अनेकों प्रावधानों को स्थान दिया गया है। मौलिक अधिकारों के रुप में समानता, स्वतंत्रता, शोषण के विरुद्ध अधिकार, धार्मिक, सांस्कृतिक जैसे अधिकारों को बिना किसी भेदभाव के सभी नागरिकों को उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि इन अधिकारो की रक्षा के लिए सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों को विशेष अधिकार है। आम नागरिकों की तरह हीं काराधीन बंदियों को भी गरिमा के साथ मानव जीवन जीने का अधिकार है। उन्होंने बताया कि इन्हीं अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करने के लिये विभिन्न विद्यालयों में भी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
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