रायपुर , अप्रैल 04 -- वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। रेलवे अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए किए गए सतत प्रयासों से यात्री सुविधाओं, क्षमता विस्तार और सुरक्षित परिचालन को नई गति मिली है।

रेलवे द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पिछले दस वर्षों में कुल 1475 किलोमीटर लंबी 15 महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया गया है, जो क्षेत्रीय विकास और रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में 125 किलोमीटर नई रेल लाइन का लोकार्पण एवं कमीशनिंग किया गया है। इसके अंतर्गत बिलासपुर-झारसुगुड़ा चौथी रेल लाइन परियोजना के विभिन्न खंडों, राजनांदगांव-नागपुर तीसरी लाइन के हिस्सों, गेवरा रोड-पेंड्रा रोड नई लाइन तथा केंद्री-धमतरी एवं अभनपुर-राजिम आमान परिवर्तन कार्य शामिल हैं।

इस दौरान कोतरलिया, गोंदिया, किरोड़ीमल नगर, रायगढ़, सारागांव, चक्रधर नगर, बाराद्वार एवं तुमसर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर नॉन इंटरलॉकिंग कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न किए गए।

रेलवे प्रशासन ने जटिल कार्यों के दौरान यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए सभी विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया, जिससे ट्रेनों के निरस्तीकरण को न्यूनतम रखा जा सका।

यातायात सुगमता और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष 18 सड़क ऊपरी पुल (आरओबी) तथा 27 सड़क अधो पुल (आरयूबी) का निर्माण भी किया गया, जिससे रेल और सड़क यातायात दोनों में सुगमता सुनिश्चित हुई है।

इसके अतिरिक्त 2790 किलोमीटर लंबाई की 41 महत्वपूर्ण परियोजनाएँ विभिन्न चरणों में तेजी से प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइन, दोहरीकरण, तीसरी एवं चौथी लाइन जैसी परियोजनाएँ शामिल हैं, जिनके पूर्ण होने से रेल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

प्रमुख स्वीकृत परियोजनाओं में खरसिया-नया रायपुर-परमालकसा (278 किमी), रावघाट-जगदलपुर (140 किमी), गोंदिया-बल्लारशाह दोहरीकरण (240 किमी) तथा गोंदिया-जबलपुर दोहरीकरण (231 किमी) शामिल हैं।

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