चेन्नई , अप्रैल 05 -- दक्षिणी रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान सभी प्रमुख क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन करते हुए रेलवे बोर्ड की ओर से तय किए गए कई लक्ष्यों को पार कर लिया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस दौरान यात्रियों की संख्या और माल ढुलाई से होने वाली आय में पिछले साल के मुकाबले उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस साल दक्षिणी रेलवे से रिकॉर्ड 7,676.44 लाख यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले साल की तुलना में 4.9 प्रतिशत अधिक है। यात्रियों की इस बढ़ती संख्या से रेलवे की आय में भी 9.7 प्रतिशत का इजाफा हुआ और यह बढ़कर 8,269.09 करोड़ रुपये तक पहुँच गई।
इस सफलता के पीछे कई महत्वपूर्ण कदम रहे, जिनमें विशेष ट्रेनों का संचालन और वंदे भारत जैसी ट्रेनों में खाली सीटों की बुकिंग के लिए नियमों में बदलाव शामिल है। अब यात्री ट्रेन छूटने से 15 मिनट पहले तक मध्यवर्ती स्टेशनों से खाली सीटों की बुकिंग कर सकते हैं। इसके अलावा, 198 ट्रेनों में 294 अतिरिक्त साधारण कोच जोड़े गए, जिससे यात्रियों को काफी सुविधा हुई।
दक्षिणी रेलवे ने टिकट जांच के मामले में भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस मद में 160.75 करोड़ रुपये की वसूली की गई, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 31 प्रतिशत अधिक है। साथ ही, पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी ट्रेनों में शत-प्रतिशत हैंड हेल्ड टर्मिनल (एचएचटी) का उपयोग शुरू कर दिया गया है।
माल ढुलाई (फ्रेट) के क्षेत्र में भी रेलवे का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस साल कुल 42.113 मिलियन टन माल की लोडिंग की गई, जिससे 3,841.11 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। पार्सल सेवा से भी रेलवे को 168.64 करोड़ रुपये की कमाई हुई है।
आय बढ़ाने के लिए रेलवे ने कुछ नए और आधुनिक तरीके भी अपनाए। चेन्नई एगमोर और अलवे में मल्टीलेवल पार्किंग, रेल कोच रेस्टोरेंट, स्टेशनों पर स्पोर्ट्स टर्फ और ट्रेनों में मैगजीन वितरण जैसे नवाचारों से रेलवे की अन्य आय में 10.42 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके अलावा खान-पान और पार्किंग सेवाओं के डिजिटलीकरण से भी राजस्व में बड़ी बढ़ोतरी देखी गई है।
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