संयुक्त राष्ट्र , जनवरी 21 -- दक्षिणी अफ्रीका के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण आई भीषण बाढ़ से मोज़ाम्बिक में अकेले 50 हजार से अधिक लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। यह जानकारी संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता एजेंसियों ने मंगलवार को दी।

संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) के अनुसार, मोज़ाम्बिक में लिम्पोपो नदी के पास स्थित जाइ-जाइ शहर सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। यह शहर गाज़ा प्रांत की राजधानी भी है।

ओसीएचए ने बताया कि स्थानीय प्रशासन ने जाइ-जाइ के डाउनटाउन इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। बाढ़ के पानी में मगरमच्छों के दिखाई देने की आशंका को लेकर भी चेतावनी दी गई है।

कार्यालय ने कहा कि बाढ़ के चलते कई सड़कें अब भी दुर्गम बनी हुई हैं। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र और उसके सहयोगी संगठन, राजधानी मापुटो से प्रभावित इलाकों के नज़दीक स्थित छोटे बंदरगाह इनहाम्बाने तक समुद्री मार्गों के उपयोग पर विचार कर रहे हैं।

ओसीएचए के मुताबिक, सरकार के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र और उसके साझेदार जीवन रक्षक सहायता को तेज़ी से बढ़ा रहे हैं। दुर्गम क्षेत्रों में नुकसान का आकलन जारी है। खोज एवं बचाव, समन्वय, सूचना प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स के लिए अतिरिक्त सहायता भी पहुंचाई जा रही है।

ओसीएचए ने कहा कि यह बाढ़ आपातस्थिति ऐसे समय आई है, जब देश के उत्तरी हिस्से में संघर्ष के कारण पहले से ही बड़े पैमाने पर विस्थापन हो चुका है, जिससे मानवीय सहायता का भंडार काफी हद तक समाप्त हो गया है।

कार्यालय ने चेतावनी दी कि आने वाले सप्ताह में बारिश जारी रहने की संभावना है, जिससे बाढ़ का खतरा बना रहेगा। बांधों का जलस्तर घटने, बाढ़ का पानी उतरने और मिट्टी के स्थिर होने में समय लगेगा, तभी सड़कें फिर से खोली जा सकेंगी।

संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने कहा कि मोज़ाम्बिक में यह ताज़ा आपदा देश की उस कमजोरी को उजागर करती है, जहां संघर्ष, सूखा, बार-बार आने वाले चक्रवात और गंभीर बाढ़ जैसी कई आपदाएं एक साथ असर डाल रही हैं।

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