दंतेवाड़ा , फरवरी 26 -- छत्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा विकासखंड और कुआकोंडा प्रखंड में चल रहे कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने विभिन्न निर्माण कार्यों का पुनः निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की समीक्षा की।

इस दौरान श्री ध्रुव ने अधिकारियों को समय-सीमा के भीतर सभी परियोजनाओं को पूरा करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर ने सबसे पहले दंतेवाड़ा प्रखंड के ग्राम गामावाड़ा से मसेनार (3 किमी) एवं धुरली मरकानार (3.75 किमी) तक निर्माणाधीन सीसी सड़क का जायजा लिया। उन्होंने कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला जनसम्पर्क अधिकारी (पीआरओ) से गुरुवार मिली जानकारी के अनुसार,कलेक्टर ने मरकानार मुंडीपारा में वीसीडब्ल्यू पुलिया निर्माण के प्रस्ताव पर अधिकारियों से चर्चा की।

गौरतलब है कि राजमार्ग ( एसएच)-5 से तीन किलोमीटर दूर मोलसनार ग्राम पंचायत से बहने वाली लाल नदी में पुल निर्माण की मांग स्थानीय ग्रामीणों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। पुल न होने के कारण वर्षा के दिनों में मरकानार और मुंडीपारा के ग्रामीणों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता था। जिला प्रशासन ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए यहां पुल निर्माण की पहल की है। कलेक्टर ने खालेपारा में डीपीआर के अंतर्गत प्रस्तावित पुल निर्माण को लेकर एसडीओ के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया। उन्होंने संबंधित विभाग को शीघ्र अनुमानित लागत प्रस्ताव (प्राक्कलन) तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि शेष कार्य जल्द प्रारंभ किए जा सकें।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कुआकोंडा प्रखंड अंतर्गत किरंदुल में निर्माणाधीन "आस्था-2 विद्या मंदिर" के स्थल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए मौके पर उपस्थित अधिकारियों और कार्य एजेंसियों से अब तक हुए कार्यों की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु शुरू होने से पूर्व सभी आवश्यक और महत्वपूर्ण निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं, जिससे बारिश के कारण कार्य प्रभावित न हो। उन्होंने निर्माण की गति तेज करने के लिए श्रमिकों की संख्या बढ़ाने के निर्देश भी दिए। साथ ही उन्होंने स्थल पर कार्यरत एजेंसियों की संख्या और उनके दायित्वों के बारे में विस्तार से जानकारी लेते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने पातररास में प्रस्तावित 16 एकड़ क्षेत्र में बन रहे विद्युत सब-स्टेशन का स्थल निरीक्षण करते हुए आ रही दिक्कतों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर पेड़ों की गिनती करने तथा आवश्यकतानुसार कटाई कार्य प्रारंभ करने को कहा। कटाई के बाद लकड़ियों को वन विभाग के काशी काष्ठागार में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और शीघ्रता से पूर्ण किए जाएं, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

निरीक्षण के अंतिम चरण में कलेक्टर जिले के ऐतिहासिक फागुन मेला मड़ई स्थल पहुंचे, जहां उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मेले में आने वाले श्रद्धालुओं एवं आमजन की संख्या तथा वहां की व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने अवगत कराया कि फागुन मेला मड़ई में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ती है, जिसके मद्देनजर व्यापक प्रबंध किए जाते हैं। कलेक्टर ने सुरक्षा और सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने आगजनी की किसी भी संभावित घटना से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की समुचित व्यवस्था रखने तथा पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, स्वच्छ एवं पर्याप्त शौचालय, निर्बाध पेयजल आपूर्ति, सुदृढ़ प्रकाश व्यवस्था तथा पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।

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