शहडोल , अक्टूबर 27 -- शहडोल जिले के थाना पपौंध क्षेत्र के प्रभारी उपनिरीक्षक बिजेन्द्र मिश्रा ने आगजनी की भयावह घटना में असाधारण साहस और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक पूरे परिवार को मौत के मुंह से बचा लिया। उनके साहसिक कदम ने न केवल चार जिंदगियाँ बचाईं, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की मानवता और जनसेवा की भावना को भी साकार रूप दिया।

घटना 26 अक्टूबर की है, जब ग्राम निपानिया निवासी रूपधारी जायसवाल के घर में अचानक आग लग गई। उस समय घर में रूपधारी जायसवाल, उनकी पत्नी बेलवती जायसवाल, पिता पूरनलाल जायसवाल और करीब 15 वर्षीय पुत्री मौजूद थीं। ठीक उसी वक्त थाना प्रभारी उपनिरीक्षक बिजेन्द्र मिश्रा ग्राम हीरापुर से लौट रहे थे। उन्होंने रास्ते में मकान से उठती लपटें देखीं और बिना देर किए घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

उन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जोखिम उठाकर जलते हुए घर में प्रवेश किया और चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तत्पश्चात आसपास के बोर से पानी चलवाकर आग पर नियंत्रण का प्रयास किया और नगरपालिका की फायर ब्रिगेड व रोड निर्माण कंपनी के टैंकर को बुलवाया। कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उपनिरीक्षक मिश्रा के इस साहसिक कार्य की सराहना करते हुए कहा कि - "यही असली पुलिसिंग है। थाना प्रभारी की तत्परता और मानवता पुलिस सेवा के उस मूल भाव को प्रदर्शित करती है, जो जनसेवा और जनसुरक्षा के प्रति समर्पण से प्रेरित है।" उन्होंने बताया कि श्री मिश्रा को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।

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