प्रयागराज , जनवरी 10 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि उन्हे आज गंगा,यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन त्रिवेणी में दर्शन और स्नान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।

योगी ने कहा " पिछले वर्ष इसी समय हम सब महाकुंभ की तैयारी करने के लिए युद्ध स्तर पर लगे थे।मुझे याद है कि पिछले साल 10 जनवरी को भी मैं प्रयागराज में ही था। माघ मेले की अंतिम तैयारी देखने के लिए मैं आया था। इस वर्ष का माघ मेला पूरी भव्यता के साथ पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व 3 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो गया है। माघ मेला का यह आयोजन लगातार 15 फरवरी महाशिवरात्रि तक चलेगा।"उन्होने कहा कि पौष पूर्णिमा पर यह अनुमान था कि 10 से 15 लाख श्रद्धालु आएंगे। लेकिन पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व पर 31 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां गंगा, मां यमुना और अदृश्य सरस्वती की पावन त्रिवेणी में आकर आस्था की डुबकी लगाई। बेणी माधव, बड़े हनुमान जी की कृपा से अक्षय वट के असीम सानिध्य में 31 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने पौष पूर्णिमा पर सकुशल स्नान किया,कल्पवासी एक माह तक यहां पर कल्पवास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भगवान रामानंदाचार्य जी की जयंती के कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर प्राप्त हुआ है,प्रयागराज का सौभाग्य है कि यह पर अनेक ऋषि मुनियों की पावन धरा है। यहां पर महर्षि भारद्वाज महर्षि, याकलव्य और अन्य पूज्य महर्षियों व सिद्ध संतों का सानिध्य इस पावन धरा को प्राप्त हुआ है।जगद्गुरु रामानंदाचार्य का जन्म प्रयागराज के दारागंज में हुआ था। आज जगतगुरु रामानंदाचार्य के जन्मोत्सव के कार्यक्रम के साथ ही माघ मेले की तैयारी हमने देखी है।

योगी ने कहा 14 व 15 जनवरी को मकर संक्रांति का स्नान होगा,इसके बाद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का मुख्य स्नान पर्व होगा,इसके बाद 23 जनवरी को बसंत पंचमी और 1 फरवरी को माघी पूर्णिमा का स्नान पर्व होगा। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के स्नान पर्व के साथ माघ मेला संपन्न होगा। माघ मेले के आयोजन के लिए पुलिस और प्रशासन ने और अन्य विभागों ने अपनी पूरी तैयारी की है पहले की तुलना में स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाई गई है,माघ मेले में स्वच्छता का विशेष ध्यान दिया गया है। इन दिनों भीषण शीत लहरी चल रही है,इसलिए ठंड से बचाव के लिए जरूरी उपाय किए गए हैं। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ मेला से जुड़े हुए मेला सेवा मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया है। किसी भी कल्पवासी किसी भी श्रद्धालु किसी भी साधु संत को अगर उन्हें किसी प्रकार की समस्या हो तो वह सेवा मोबाइल ऐप से मदद ले सकते हैं।

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