अगरतला , फरवरी 15 -- त्रिपुरा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री रतन लाल नाथ ने बताया कि त्रिपुरा को जर्मनी के खरीदारों से 500 मीट्रिक टन ऑर्गेनिक अदरक और 20 मीट्रिक टन बर्ड्स आई मिर्च (छोटी तीखी मिर्च) का ऑर्डर प्राप्त हुआ है।

मंत्री ने जर्मनी के नूर्नबर्ग में आयोजित बायोफैच 2026 में भाग लिया था। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा के ऑर्गेनिक उत्पादों को देखकर जर्मन खरीदारों ने राज्य का दौरा करने में गहरी रुचि दिखाई है।

उन्होंने 10 से 13 फरवरी तक आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में त्रिपुरा के जैविक उत्पादों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन एपीडा, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में आयोजित हुआ, जो भारत की अंतरराष्ट्रीय जैविक कृषि सहभागिता में अग्रणी भूमिका निभाता है।

मंत्री ने बताया कि एपीडा का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में वैश्विक ऑर्गेनिक खाद्य निर्यात में भारत की हिस्सेदारी 2.5 प्रतिशत से बढ़ाकर लगभग 12 प्रतिशत तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा इस लक्ष्य में सक्रिय योगदान देने के लिए उत्साहित है।

उन्होंने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, जैव विविधता और पारंपरिक कृषि पद्धतियों को त्रिपुरा की जैविक खेती की मजबूत नींव बताया। वर्तमान में राज्य में 53 सक्रिय ऑर्गेनिक किसान उत्पादक कंपनियां कार्यरत हैं, 26,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि प्रमाणित जैविक है और 26,800 से अधिक किसान औपचारिक रूप से पंजीकृत हैं।

त्रिपुरा के प्रीमियम ऑर्गेनिक उत्पादों में सुगंधित धान की किस्में, काला चावल, बर्ड्स आई मिर्च, तिल, हल्दी, अदरक, अनानास, कटहल और अन्य स्थानीय कृषि-बागवानी उत्पाद शामिल हैं।

मंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य के सभी ऑर्गेनिक उत्पाद कड़े गुणवत्ता मानकों, ट्रेसबिलिटी प्रणाली और खाद्य सुरक्षा नियमों का पालन करते हैं, जिससे उनकी प्रामाणिकता और गुणवत्ता सुनिश्चित होती है।

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