अगरतला , जनवरी 03 -- त्रिपुरा में शीतलहर जारी रहने और एक हफ्ते से ज़्यादा समय से धूप न निकलने के कारण, त्रिपुरा जनजातीय क्षेत्र स्वायत्त जिला परिषद (एडीसी) ने शनिवार से पर्वतीय इलाकों में सभी शिक्षण संस्थानों को 10 दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया।

मौसम वैज्ञानिकों ने बताया है कि हालांकि तापमान में ज़्यादा कमी नहीं आयी है, लेकिन अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच पांच डिग्री सेल्सियस के अंतर ने पिछले कुछ दिनों से पूरे राज्य में ठंड बढ़ा दी है।

एक हफ्ते से लगातार धूप न निकलने, ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण मौसम बहुत ठंडा हो गया है। डेटा से पता चलता है कि हाल के दिनों में त्रिपुरा में अधिकतम तापमान लगभग आठ डिग्री सेल्सियस कम हो गया है, जबकि न्यूनतम तापमान में लगभग एक डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी देखी जा रही है।

रिपोर्ट के अनुसार, 24 घंटे में अधिकतम और न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री और 12.5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। अगले 48 घंटों में हालांकि,न्यूनतम तापमान में और कमी आने की संभावना है। वहीं, अगले 3-4 दिनों में बारिश नहीं होने के आसार हैं।

एक विशेषज्ञ ने शनिवार को कहा, " अगर न्यूनतम तापमान और गिरता है और अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच का अंतर बढ़ता है, तो ठंड की स्थिति में सुधार होगा। इसके अलावा, स्थानीय मौसम के पैटर्न से पता चलता है कि त्रिपुरा में सर्दी सामान्य से ज़्यादा समय तक रह सकती है। साथ ही ठंड का एहसास भी ज़्यादा होगा। "एडीसी प्रशासन ने बताया है कि ठंड की वजह से पूरे त्रिपुरा में ग्रामीण और पर्वतीय समुदायों पर काफी असर पड़ा है और यह स्थिति अगले कई दिनों तक जारी रहने की उम्मीद है। कई विद्यालयों में ठंड के कारण शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति मुश्किल हो गयी है। इससे मौसमी बीमारियों और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है। एडीसी प्रशासन ने भीषण ठंड की स्थिति को देखते हुए अपने अधिकार क्षेत्र के सभी शिक्षण संस्थानों को तीन से 13 जनवरी तक बंद करने की घोषणा की है।

उन्होंने हालांकि कहा है कि 10वीं और 11वीं कक्षा की प्रैक्टिकल परीक्षाएं तय समय पर ही होंगी। दूसरी ओर, राज्य शिक्षा विभाग के सूत्रों ने बताया है कि त्रिपुरा सरकार ने अभी तक शिक्षण संस्थानों को बंद करने पर कोई फैसला नहीं लिया है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो-तीन दिनों में ठंड की स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, और राज्य सरकार के स्कूल सालाना परीक्षाएं कराने के आखिरी चरण में हैं। राज्य शिक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चिंता जतायी कि अगर इस समय कक्षा बंद की गयीं तो अकादमिक सत्र में रुकावट आ सकती है। उन्होंने कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है, तो सरकार विद्यालयों और महाविद्यालयों को बंद करने पर विचार करेगी।

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