अगरतला , जनवरी 06 -- त्रिपुरा सरकार ने राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (टीआरएलएम) के माध्यम से दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (डीडीजीकेवाई) के तहत हाल ही में नियुक्त उम्मीदवारों की सुविधा के लिए बेंगलुरु में एक प्रवास सहायता केंद्र (एमएससी) स्थापित किया है। टीआरएलएम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तारित कांति चकमा ने बताया कि केंद्र का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को उनके शुरुआती दिनों में भोजन और आवास प्रदान करके उनकी सहायता करना है, जिससे उन्हें नयी नौकरियों में सुचारू रूप से बसने में मदद मिलेगी।
इस पहल के तहत, टीआरएलएम ने सोमवार को बेंगलुरु में एक पूर्व छात्र सम्मेलन भी आयोजित किया, जिसमें त्रिपुरा के उन युवाओं को एक साथ लाया गया, जिन्होंने शहर में रोजगार प्राप्त किया है। इनमें से कई व्यक्ति अब अपने परिवारों को आर्थिक रूप से सहारा दे रहे हैं, जो आजीविका में सुधार लाने में कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।
डीडीयू-जीकेवाई योजना के तहत टीआरएलएम ने ग्रामीण युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार पर पहले ही 93 करोड़ रुपये खर्च कर दिये हैं। श्री चकमा ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य 15 से 35 वर्ष की आयु के व्यक्तियों को बाजार के अनुरूप कौशल, स्थायी रोजगार के अवसर और करियर में उन्नति प्रदान करना है। प्रवासन सहायता केंद्र और पूर्व छात्र सम्मेलन त्रिपुरा सरकार की ग्रामीण युवाओं को सशक्त बनाने, शहरी रोजगार में उनके सफल एकीकरण को सुगम बनाने और कौशल विकास तथा आजीविका सुरक्षा के बीच संबंध को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं।
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