अगरतला , जनवरी 06 -- त्रिपुरा के मुख्यमंत्री डॉ. माणिक साहा ने राज्य में दुर्घटना-मुक्त सड़क नेटवर्क स्थापित करने के लिए प्रशासन को 'गुजरात मॉडल' अपनाने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री ने मंगलवार को सड़क सुरक्षा पर एक समीक्षा बैठक में इस बात पर जोर दिया कि गुजरात मॉडल तीन मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित है जिनमें उन्नत प्रौद्योगिकी, सख्त कानून प्रवर्तन और दुर्घटना के बाद त्वरित बचाव और चिकित्सा सहायता शामिल है।

उन्होंने अधिकारियों को इन तत्वों को त्रिपुरा के सड़क सुरक्षा ढांचे में एकीकृत करने का निर्देश दिया। त्रिपुरा में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े राष्ट्रीय औसत से बेहतर होने की बात स्वीकार करते हुए उन्होंने शून्य मृत्यु दर के लक्ष्य को प्राप्त करने के महत्व पर जोर दिया।

राजधानी अगरतला में पैदल यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए डॉ. साहा ने प्रमुख सड़कों के दोनों किनारों पर फुटपाथों के निर्माण में तेजी लाने का आह्वान किया। राज्य ने यातायात की निगरानी और उल्लंघनों पर प्रभावी ढंग से अंकुश लगाने के लिए अधिक सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग सिस्टम स्थापित करके अपने निगरानी ढांचे का विस्तार करने की योजना बनाई है । इसके साथ ही उच्च जोखिम वाले स्थानों पर स्पीड गन भी लगाई जाएंगी।

दुर्घटना के बाद के पहले घंटे (गोल्डन ऑवर) के महत्व का उल्लेख करते हुए डॉ. साहा ने पीड़ितों को तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए त्रिपुरा भर में अतिरिक्त ट्रॉमा केयर सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने निर्देश दिया कि पुलिस और अग्निशमन कर्मियों को दुर्घटनाओं के दौरान प्रारंभिक प्रतिक्रियाकर्ता के रूप में उनकी दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण दिया जाए।

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