अगरतला , जनवरी 22 -- उत्तरी त्रिपुरा के धर्मनगर स्थित होली क्रॉस कॉन्वेंट स्कूल में सरस्वती पूजा मनाने को लेकर हुए विवाद के कारण व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

स्कूल अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर परिसर में पूजा की अनुमति देने से इनकार करने के कारण यह मुद्दा हिंदू संगठनों के बीच व्यापक चर्चा और चिंता का विषय बन गया है। स्कूल अधिकारियों ने विवाद को सुलझाने के लिए गुरुवार को अभिभावकों के साथ एक बैठक बुलाई है।

विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने आरोप लगाया कि वे पिछले कई वर्षों से स्कूल में सरस्वती पूजा आयोजित करने की अनुमति मांग रहे हैं। संगठन का दावा है कि कई अपीलों के बावजूद, स्कूल प्रबंधन ने अभी तक कोई औपचारिक मंजूरी नहीं दी है।

वीएचपी का तर्क है कि होली क्रॉस कॉन्वेंट स्कूल के लगभग 95 प्रतिशत छात्र हिंदू बंगाली समुदाय से हैं। सरस्वती पूजा की अनुमति देने से छात्र एक सांस्कृतिक और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण त्योहार में शामिल हो सकेंगे, जिससे उनकी परंपराओं को संरक्षित करने में मदद मिलेगी।

वीएचपी नेता प्रताप रंजन देब ने जोर देकर कहा कि उनके अनुरोध का उद्देश्य धार्मिक विभाजन को बढ़ावा देना नहीं है, बल्कि बहुसंख्यक छात्रों की आस्था, संस्कृति और विश्वास का सम्मान करना है। हालांकि, कथित तौर पर स्कूल अधिकारियों ने किसी भी धार्मिक आयोजन की अनुमति न देने के अपने पुराने फैसले को समझाने के लिए संस्थागत नियमों और आंतरिक नीतियों का हवाला दिया है।

वीएचपी नेता ने दावा किया कि उन्होंने 16 जनवरी को चर्चा के माध्यम से मामले को सुलझाने की कोशिश की थी, लेकिन बैठक का कोई ठोस परिणाम नहीं निकला। बढ़ते असंतोष के मद्देनजर, विएचपी उत्तर जिला समिति के सदस्यों ने कल स्कूल का दौरा किया और प्रधानाचार्य को औपचारिक पत्र सौंपकर सरस्वती पूजा मनाने की लिखित स्पष्टिकरण और अनुमति मांगी थी।

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