अगरतला , जनवरी 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) त्रिपुरा प्रदेश समिति ने अगरतला में बारजाला मंडल समिति के अध्यक्ष राजीव साहा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उसके खिलाफ यह कार्रवाई शहर के उत्तरी भागों में भूमि माफिया गतिविधियों में संलिप्तता के कारण हुई गिरफ्तारी के बाद की गयी है।

राजीव साहा को त्रिपुरा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार शंकर लाल दत्ता के निजी सुरक्षाकर्मी कुणाल घोष की दर्ज करायी गयी प्राथमिकी के आधार पर त्रिपुरा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। खबर है कि साहा ने पातुनगर इलाके में अपने समूह के साथ सहयोग किये बिना सीधे जमीन खरीदने के श्री दत्ता के प्रयास का विरोध किया था।

घोष के अनुसार, साहा ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर श्री दत्ता के साथ दुर्व्यवहार किया और खुलेआम धमकियां दीं। जब घोष ने ऑन-ड्यूटी गार्ड के रूप में मामले में हस्तक्षेप किया तो साहा ने कथित रूप से उन पर हमला कर दिया, जिससे स्थिति मारपीट में बदल गयी और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

घोष के बयान के अनुसार उन्होंने पुलिस को खबर दी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें बचाया और मौके से ही साहा को हिरासत में लिया।

साहा पर आरोप है कि वह बड़े जमीन हड़पने वाले गिरोह को चलाने में शामिल है, जो लिचुबगान, बरजाला, नटुननगर और हवाई अड्डे जैसे इलाकों में लंबे समय से सक्रिय है। कहा जाता है कि इस गिरोह ने नहरों और पानी की जगहों सहित सरकारी जमीनों पर गैर-कानूनी तरीके से कब्जा कर लिया है और इन फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर इन जमीनों की खरीद-बिक्री कर रहे हैं।

साहा पूर्ववर्ती वाम मोर्चा शासन में के दौरान भी प्रभावशाली था और ऐसी गतिविधियों में संलिप्त था। राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद वफादारी बदलकर वह भाजपा में शामिल हो गया और उगाही और भूमि माफिया जैसी गतिविधियां निर्बाध चलाता रहा। पिछले वर्ष बारजाला के मंडल अध्यक्ष के पद पर पहुंच गया, जिससे उनकी माफिया गतिविधियों और बढ़ गयी।

भाजपा के प्रदेश महासचिव अमित रक्षित ने मीडिया को संबोधित करते हुए और प्रदेश अध्यक्ष राजीव भट्टाचार्य के साहा को निलंबित करने के निर्णय को साझा किया।

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