नयी दिल्ली , दिसंबर 15 -- नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोमवार को कहा कि त्योहारी मौकों पर या किसी अन्य कारण से भविष्य में जब भी हवाई किराये में अनुचित वृद्धि होगी तो सरकार कार्रवाई करेगी।

श्री नायडू ने राज्यसभा में इंडिगो संकट के दौरान किराये की अधिकतम सीमा के बारे में पूछे गये एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि इंडिगो संकट के समय लोगों को काफी परेशानी हुई थी। उस समय भारतीय विमानन क्षेत्र में क्षमता बेहद कम हो गयी थी। इंडिगो इतनी बड़ी एयरलाइन है, उसने बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द कीं, जिससे उपलब्ध सीटों की संख्या कम हुई।

मंत्री ने कहा, "इसका सीधा असर यह होना था कि हवाई किराया बढ़ता, और इसीलिए हमने किराये की अधिकतम सीमा तय कर दी थी। दूसरे मौकों पर भी जब भी हवाई किराया बढ़ता है, मंत्रालय उस पर नजदीकी नजर रख रहा है। जब भी ऐसी कोई स्थिति होगी, मंत्रालय कार्रवाई करेगा।"उन्होंने कहा कि ओणम और अन्य त्योहारों के मौकों पर भी किराया बढ़ता है। उत्तर भारत में दिवाली के समय भी यही स्थिति रहती है। कुंभ मेले के समय, पहलगाम हमले के बाद और कोविड-19 के समय भी सरकार ने हवाई किराये की अधिकतम सीमा तय कर दी थी।

एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में श्री नायडू ने कहा कि सरकार ने सिर्फ घरेलू ही नहीं अंतर्राष्ट्रीय मार्गों पर भी किराये कि निगरानी शुरू की है। उन्होंने कहा, "डीजीसीए में टैरिफ मॉनिटरिंग यूनिट और सशक्त किया गया है और सभी रूट पर हम निगरानी रख रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय रूट भी अब निगरानी की जा रही है। दबाव एयरलाइंस पर भी हम डालना चाहेंगे ताकि इस तरह मौके का फायदे उठाने के कारण अनुचित किराये की जो स्थिति कभी-कभी बन जाती है, वह न बने।"इससे पहले उन्होंने कहा कि हवाई किराया एक गैर-विनयमित क्षेत्र है। इसलिए जब मांग ज्यादा होती है तो किराया बढ़ता है।

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