हैदराबाद , दिसंबर 3 -- तेलंगाना के राजस्व, आवास, सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि सरकार ने पिछले दो वर्षों में जनता के लिए सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए राजस्व, सर्वेक्षण और पंजीकरण विभागों में 'क्रांतिकारी बदलाव' लाए हैं।
श्री पोंगुलेटी ने बुधवार को डॉ. अम्बेडकर राज्य सचिवालय में मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के निर्देशों का पालन करते हुए तीनों विभागों के लिए जनवरी के अंत तक एक ही जगह पर सभी डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध करा दिए जाएँगे और 'धरणी-लिंक्ड ऐप' को हटा दिया जाएगा।
मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) ने पहले ही विदेशी कंपनी से धरणी पोर्टल का प्रबंधन अपने हाथ में ले लिया है। इससे 1.56 करोड़ एकड़ भूमि का डेटा एक सुरक्षित घरेलू प्रणाली के तहत आ गया है।
मंत्री ने बिना भूमि मानचित्र वाले गाँवों के लंबे समय से लंबित मुद्दे पर कहा कि पाँच गाँवों को पायलट आधार पर लिया गया है और 'भूधर कार्ड' तैयार किए गए हैं। दूसरे चरण में 373 गाँवों और तीसरे चरण में अन्य 70 गाँवों में सर्वेक्षण का काम किया जाएगा, जिसके बाद भूधर कार्ड जारी किए जाएँगे।
श्री रेड्डी ने कहा कि सभी योग्य भूमि-संबंधी आवेदन जनवरी के अंत तक हल कर दिए जाएँगे। इसके बाद फिर न्यायाधिकरण स्थापित किए जाएँगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार की अनियमितताओं को उजागर करने के लिए दो जिलों में 'फोरेंसिक ऑडिट' चल रहा है। इन जिलों के परिणाम के बाद सुधार के लिए राज्यव्यापी कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने राजस्व प्रणाली को बहाल कर दिया है, जिसे पिछले दशक के 'स्वार्थी फैसलों' ने नष्ट कर दिया था। इस प्रणाली को लोगों के और करीब लाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के कार्यभार संभालने पर विरासत में 2.45 लाख लंबित धरणी आवेदन मिले थे और बाद में लगभग चार लाख और आवेदन प्राप्त हुए थे, इन सभी को हल किया जा चुका है।
श्री रेड्डी ने कई सुधारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भू भारती राजस्व बैठकों का हवाला दिया, जिसके तहत, अधिकारियों ने नौ लाख से अधिक आवेदन एकत्र करने के लिए गाँवों का दौरा किया। उन्होंने बताया कि 10,954 राजस्व गाँवों में ग्राम पंचायत अधिकारी (जीपीओ) की नियुक्ति, सर्वेयर रिक्तियों को भरना, और सर्वेक्षणों में तेजी लाने के लिए हजारों निजी सर्वेयरों को लाइसेंस देना अन्य महत्वपूर्ण सुधार हैं।
मंत्री ने कहा कि 'स्लॉट बुकिंग' प्रणाली अपनाने से उप-पंजीयक कार्यालयों में लगने वाली लंबी कतारें समाप्त हो गयी। इसके अतिरिक्त आधार ई-हस्ताक्षर ने लोगों के समय और पैसे दोनों की बचत की है।
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