हैदराबाद , मार्च 30 -- तेलंगाना में अल्पकालिक कामगारों के अधिकारों की रक्षा के मकसद से राज्य विधानसभा ने 'तेलंगाना प्लेटफॉर्म-आधारित गिग वर्कर्स पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण विधेयक, 2026' पारित कर दिया।
श्रम, रोजगार और खान मंत्री जी विवेक वेंकटस्वामी ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इस कानून का मकसद डिजिटल अर्थव्यवस्था में अल्पकालिक कामगारों को कानूनी मान्यता देना और उनके अधिकारों, गरिमा और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
यह विधेयक अनिवार्य करता है कि प्लेटफॉर्म कंपनियां नियमित रूप से कामगारों का विवरण जमा करें और हर तीन महीने में इलेक्ट्रॉनिक रिटर्न दाखिल करें। इसमें नियमों का पालन न करने पर कड़ी सजा का भी प्रावधान है, जिसमें पहली बार उल्लंघन करने पर 50,000 रुपये से लेकर बार-बार अपराध करने पर 1.5 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है और इसके अलावा बकाया राशि का पांच गुना तक अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
इस कानून का एक अहम प्रावधान अल्पकालिक कामगारों के लिए एक समर्पित कल्याण बोर्ड की स्थापना करना है। हर पंजीकृत कामगार को एक यूनिक पहचान संख्या (आईडी) जारी की जाएगी। प्लेटफॉर्म लेनदेन पर 1-2 प्रतिशत का शुल्क लगाकर एक कल्याण कोष भी बनाया जाएगा, जिसका उपयोग बीमा, पेंशन और मातृत्व सहायता जैसे लाभ प्रदान करने के लिए किया जाएगा। इस कोष का 5 प्रतिशत तक हिस्सा प्रशासनिक खर्चों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
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