हैदराबाद , फरवरी 27 -- सूचना प्रौद्योगिकी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू के नागरिक सेवाओं को पूर्ण रूप से डिजिटल बनाने के निरंतर प्रयासों के चलते, तेलंगाना में अब मोबाइल ऐप के माध्यम से बस पास लिये जा सकेंगे।

यह उपलब्धि 'मी-सेवा' से संचालित 'मी-टिकट' प्लेटफॉर्म में तेलंगाना राज्य सड़क परिवहन निगम (टीजीएसआरटीसी) के एकीकरण के बाद हासिल हुई है।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इस प्लेटफॉर्म के शुभारंभ के बाद से अब तक दो लाख से अधिक लोगों ने इसे डाउनलोड किया है और 2.9 करोड़ रुपये का लेनदेन दर्ज किया गया है, जो जनता के इसे अपनाए जाने के उत्साह को दर्शाता है। 'मी-टिकट', जो 'मी-सेवा' ई-शासन ढांचे के तहत एक प्रमुख डिजिटल टिकटिंग पहल है, यात्रियों को बिना किसी भौतिक डिपो या काउंटर पर जाए, पूरी तरह से ऐप के माध्यम से शहर के बस पास और अंतर-शहरी टिकटों के लिए आवेदन करने, भुगतान करने और प्राप्त करने की सुविधा प्रदान करता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि परिवहन निगम के निर्धारित किराए या पास शुल्क के अतिरिक्त कोई अन्य बुकिंग शुल्क नहीं लिया जाता है।

यात्रियों के लिए इसका प्रभाव तत्काल और व्यावहारिक है। ऐप का उपयोग कर रहे एक 19 वर्षीय अभियांत्रिकी छात्र ने कहा, "पहले मुझे हर महीने पास के नवीनीकरण के लिए डिपो में घंटों कतार में खड़ा होना पड़ता था। अब मैं इसे कक्षाओं के बीच केवल दो मिनट में कर लेता हूं।"कक्षा 12वीं की एक अन्य छात्रा ने कहा, "कागज का पास साथ रखने की तुलना में यह अधिक सुरक्षित महसूस होता है। क्यूआर कोड हमेशा मेरे फोन पर उपलब्ध रहता है और इसकी नकल कोई नहीं कर सकता।" प्रत्येक पास में एक गतिशील क्यूआर कोड होता है जो हर बार उपयोग पर नया हो जाता है। इसमें वैधता का सजीव सूचक और स्क्रीनशॉट लेने पर रोक जैसी सुविधाएं हैं, जिन्हें नकल रोकने और वास्तविक समय में सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए बनाया गया है। परिचालक बस के भीतर ही तुरंत पास का सत्यापन कर सकते हैं, जिससे मानवीय जांच की आवश्यकता समाप्त हो गई है और देरी कम हुई है।

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