हैदराबाद , जनवरी 02 -- तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शुक्रवार को कहा कि प्रदेश सरकार 31 मार्च तक महत्वाकांक्षी मूसी कायाकल्प परियोजना के लिये लागत का अनुमान तय करने के बाद निविदाएं आमंत्रित कर तुरंत काम शुरू कर देगी।

श्री रेवंत रेड्डी ने आज राज्य विधानसभा में बताया कि एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने इस परियोजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये का रिण देने पर सहमति जताई है, जबकि केंद्र सरकार पहले ही मूसी परियोजना के तहत गांधी सरोवर को मंज़ूरी दे चुकी है।

उन्होंने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तय होने के बाद सरकार सभी विधायकों को एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन देगी और उनके सुझाव मांगेगी। उन्होंने नदियों के सभ्यतागत महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि मूसी और ईसा नदियों के संगम पर बापू घाट बनाया गया था, जहाँ महात्मा गांधी की अस्थियाँ विसर्जित की गई थीं।

श्री रेड्डी ने कहा कि विश्व स्तरीय कायाकल्प योजना बनाने के लिए सरकार ने लंदन (टेम्स), न्यूयॉर्क, जापान, दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे शहरों में नदी बहाली मॉडल का अध्ययन किया। उन्होंने कहा, "हर वैश्विक शहर ने अपने नदी बेसिन की रक्षा की है।

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय परियोजनाओं से तुलना करते हुए बताया कि गुजरात में साबरमती रिवरफ्रंट विकास के दौरान लगभग 60,000 परिवारों को विस्थापित किया गया था और इसी तरह की बड़े पैमाने पर रिवरफ्रंट परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के किनारे शुरू की गईं। उन्होंने कहा, "ऐसी परियोजनाओं को विकास मॉडल के रूप में पेश किया गया था। हमने कभी उनका विरोध नहीं किया।" उन्होंने कुछ राजनीतिक ताकतों पर मूसी परियोजना में बाधा डालने का आरोप लगाया।

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