हैदराबाद , जनवरी 06 -- तेलंगाना सरकार विभिन्न क्षेत्रों में बिजली सब्सिडी पर सालाना लगभग 15,946 करोड़ रुपये खर्च कर रही है, जिससे राज्य में 8.43 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं को लाभ प्राप्त हो रहा है।
उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क ने मंगलवार को सदन में बिजली सब्सिडी योजनाओं के आधिकारिक आंकड़े जारी किये जिनके अनुसार, सब्सिडी का सबसे बड़ा हिस्सा कृषि क्षेत्र को मिल रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, 29.23 लाख लाभार्थियों के साथ, किसानों को मुफ्त बिजली देने पर राज्य के खजाने पर प्रति वर्ष 13,499 करोड़ रुपये का भारी खर्च आता है जो बढ़ती इनपुट लागत के बीच कृषि समर्थन पर सरकार के निरंतर ध्यान को दर्शाता है। घरेलू उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान करने वाली लोकप्रिय गृह ज्योति योजना, सब्सिडी का दूसरा सबसे बड़ा हिस्सा है। इस योजना से 5.28 करोड़ परिवारों को लाभ मिल रहा है और सरकार को इस पर सालाना 2,086 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जिससे यह राज्य में सबसे व्यापक कल्याणकारी उपायों में से एक बना हुआ है।
इसमें कहा गया है कि आजीविका पर आधारित कई व्यवसायों को भी राहत प्रदान की जाती है। धोबी एवं कपड़े धोने की दुकानों (0-250 यूनिट) के 70,700 से अधिक लाभार्थियों को 71 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलती है, जबकि 34,030 ग्राहकों को सेवा प्रदान करने वाले हेयर स्टाइल सैलून को 25 करोड़ रुपये की सहायता मिलही है। बुनकरों एवं कताई मिलों जैसे पारंपरिक व्यवसायों को मिलाकर 90 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जाती है। सरकार शैक्षणिक संस्थानों को मुफ्त बिजली भी प्रदान करती है, जिससे लगभग 29,700 संस्थानों को 142 करोड़ रुपये का लाभ मिलता है और गणेश पंडालों को मौसमी बिजली सहायता के रूप में 32.5 करोड़ रुपये प्राप्त होते हैं।
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