हैदराबाद , दिसम्बर 18 -- तेलंगाना मानवाधिकार आयोग ने राज्य के रंगारेड्डी जिले में बेसहारा बुजुर्ग को उनके ही बच्चों द्वाारा घर से निकाल दिए जाने के मामले में स्वत: संज्ञान लिया है।

आयोग के अध्यक्ष न्यायाधीश शमीम अख्तर ने मीडिया रिपोर्ट में बुजुर्ग पिता की बदहाली की रपट पढ़कर उक्त कार्रवाई की।

एक तेलुगु दैनिक में 18 दिसंबर को डप्पू मलैय्या के बारे में समाचार प्रकाशित हुई थी। उसमें कथित तौर पर उनके बच्चों ने उन्हें घर से निकाल दिया था। इसके बाद से वह शमशाबाद में रल्लागुडा फ्लाईओवर के नीचे फुटपाथ पर रह रहे थे।

आयोग ने रंगा रेड्डी जिले के जिला आयुक्त को इस मामले में विस्तृत तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है, खासकर यह देखते हुए कि यह घटना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत गरिमा के साथ जीवन जीने के अधिकार और माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों के भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम, 2007 के प्रावधानों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन है।

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