हैदराबाद , जनवरी 08 -- तेलंगाना के कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने गुरुवार को अधिकारियों को राज्य में अनधिकृत हर्बिसाइड टोलरेंट (एचटी) कपास के बीजों के प्रवेश और बिक्री को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पेशल टास्क फोर्स टीमों के गठन और सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी तेज करने का भी आदेश दिया है।
मंत्री ने सचिवालय में कृषि निदेशक और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक की और स्पष्ट किया कि बिना मंजूरी वाले कपास बीज के पैकेटों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
उन्होंने अधिकारियों को एचटी कपास बीजों की मार्केटिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया, जिन्हें केंद्र सरकार की मंजूरी नहीं मिली है, क्योंकि ये क्षेत्रीय परीक्षणों में विफल रहे हैं और इनसे पर्यावरण को संभावित खतरा हो सकता है। श्री राव ने कहा कि भले ही एचटी/बीजी-तीन कपास की किस्म अमेरिकी कंपनी मोनसेंटो ने विकसित की थी, इसके बावजूद इसे मंजूरी नहीं दी गयी, क्योंकि इससे पर्यावरण के लिए जोखिम पैदा होने की आशंका थी।
मंत्री ने चिंता व्यक्त की कि लाभ के लिए कुछ बिचौलिये अवैध रूप से प्रतिबंधित बीज किसानों को बेच रहे हैं, जबकि 20 अधिकृत कपास बीज कंपनियां तेलंगाना में बीज का उत्पादन कर रही हैं और सरकार से प्रमाणित करीब 40 कंपनियां कपास बीज पैकेट उपलब्ध करा रही हैं। कुछ व्यापारी महाराष्ट्र और गुजरात से एचटी और मिलावटी बीज अवैध रूप से लाकर सीमावर्ती क्षेत्रों में बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि किसानों ने सिर्फ पिछले एक वर्ष में अधिकृत स्रोतों से लगभग 1.10 करोड़ कपास बीज पैकेट खरीदे हैं।
राज्य में करीब 52 लाख एकड़ जमीन पर कपास की खेती की संभावना के मद्देनजर श्री राव ने चेतावनी दी कि अवैध बीज तस्करी का खतरा बहुत ज्यादा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे इसी महीने से सीमावर्ती जिलों में टास्क फोर्स टीमों को सक्रिय करें और मजबूत निगरानी प्रणाली लागू करें। उन्होंने अधिकारियों से कपास के बीजों की सह-मार्केटिंग पर साफ दिशा-निर्देश बनाने को भी कहा।
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