नयी दिल्ली , अक्टूबर 28 -- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव को अभी से बिहार विधानसभा चुनाव में हार का भय सताने लगा है, तभी वह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर झूठे आरोप लगाते हुए घबराहट में 'वोट चोरी' वाले बयान दे रहे हैं।
श्री प्रधान ने 'एक्स' पर अपनी पोस्ट के साथ श्री यादव का एक वीडियो साझा किया है, जिसमें वह सरकारी कर्मचारियों को श्री शाह के आदेश पर कुछ भी करने से मना करने के साथ कह रहे हैं कि कुछ भी गलत किया तो उसका परिणाम ठीक नहीं होगा। श्री प्रधान ने ऐसे बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान राजद नेता सरकारी अधिकारियों को धमका रहे हैं।
श्री प्रधान ने लिखा, " गृहमंत्री अमित शाह पर झूठे आरोप वाला बयान दर्शाता है कि बिहार विधानसभा चुनाव में अपनी हार को देखते हुए तेजस्वी यादव घबराहट में हैं। उनके बार-बार 'वोट चोरी' वाले ऐसे बयान दिखाते हैं कि 'महा-लठबंधन' शिविर में हार का भय दिनों-दिन गहराता जा रहा है। उसका बहाना अभी से ढूंढा जा रहा है। चुनाव में फिर से करारी हार की दहलीज पर खड़े 'महा-लठबंधन' के किसी भी नेता पर जनता का भरोसा नहीं है, इसलिए वे भ्रम फैलाने पर उतारू हैं। "उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि चुनाव लोकतंत्र का पर्व है, भय और धमकी का नहीं। प्रशासनिक तंत्र पर इस तरह के निराधार आरोप लगाना राजद की हताश राजनीति को उजागर करता है। जनता पुनः विकास, सुशासन और स्थिरता के साथ है, न कि उन ताकतों के साथ जो बौखलाहट में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा करते हैं। राजद और पूरे महागठबंधन को यह समझ लेना चाहिए कि बिहार में अब जनता का राज है न कि जंगलराज।
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