पटना, जनवरी 25 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय जनता दल का तेजस्वी यादव को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने का निर्णय यह साफ़ करता है कि राजद आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों में नहीं, बल्कि परिवारवाद और वंशवादी राजनीति में विश्वास रखती है। श्री मिश्र ने कहा कि तेजस्वी की यह नियुक्ति योग्यता, संघर्ष या संगठनात्मक क्षमता के आधार पर नहीं, बल्कि केवल "परिवार का नाम" होने के कारण की गई है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजद में आज भी वही पुरानी सोच हावी है, जहाँ पार्टी कार्यकर्ताओं की मेहनत, अनुभव और निष्ठा का कोई मूल्य नहीं है। पार्टी का हर बड़ा पद एक ही परिवार के इर्द-गिर्द घूमता है। यह निर्णय राजद के अंदर आंतरिक लोकतंत्र की समाप्ति का प्रमाण है।उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने वर्षों तक बिहार को भ्रष्टाचार, अराजकता और कुशासन दिया, वही पार्टी आज नई पीढ़ी के नाम पर पुराने प्रयोग को दोहराने की कोशिश कर रही है। तेजस्वी यादव का पिछला कार्यकाल बिहार की जनता देख चुकी है,जहाँ विकास के बदले सिर्फ़ आरोप, भ्रम और राजनीतिक अवसरवाद नजर आया।

श्री मिश्रा ने कहा कि भाजपा व्यक्ति नहीं, नीति और सिद्धांत की राजनीति करती है, जबकि राजद में नेतृत्व परिवर्तन नहीं, केवल परिवार के भीतर पदों का पुनर्वितरण होता है। बिहार की जागरूक जनता अब इस वंशवादी राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में बिहार की जनता विकास, सुशासन और पारदर्शिता के साथ खड़ी भाजपा को ही अपना समर्थन देगी और परिवारवाद की राजनीति को पूरी तरह नकार देगी।

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