शिलांग , अक्टूबर 29 -- मेघालय के पूर्व मंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता जेनिथ एम संगमा बुधवार को आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो गये।

तृणमूल विधायक एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मुकुल संगमा के छोटे भाई संगमा ने नवंबर 2021 में 11 अन्य विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़ दी थी और सुश्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी में शामिल हो गए थे। वह 30 से अधिक वर्षों तक कांग्रेस के साथ रहे और तीन बार मेघालय विधानसभा के लिए चुने गए। पार्टी में फिर से शामिल होने के बाद उत्साहित श्री संगमा ने संवाददाताओं से कहा, "कांग्रेस एक पुराना परिवार है।" उन्होंने नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार को "भ्रष्ट सरकार" करार दिया।

श्री संगमा ने कहा, "मैंने भ्रष्ट सरकार के खिलाफ लड़ने और मेघालय के लोगों को बचाने के लिए कांग्रेस में फिर से शामिल होने का फैसला किया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपने भ्रष्ट आचरण से हर स्थापित संस्थान को बर्बाद कर रही है, चाहे वह स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली या अन्य क्षेत्र ही क्यों न हो।

कांग्रेस शासन के दौरान कैबिनेट मंत्री रहे श्री संगमा ने कहा कि वह भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़े हो सकते हैं क्योंकि उनका रिकॉर्ड साफ-सुथरा रहा है और इसलिए वह इस मुद्दे पर अधिकार के साथ बोल सकते हैं। उन्होंने कहा, "अगर मौजूदा सरकार उन विभागों की जाँच कराती जिनका कार्यभार मैंने अपने कार्यकाल के दौरान संभाला, तो मुझे कोई चिंता नहीं है क्योंकि मुझे पूरा यकीन है कि सरकार के एक रुपये दुरुपयोग नहीं हुआ है।" उन्होंने अपने बड़े भाई एवं पूर्व मुख्यमंत्री की कांग्रेस में वापसी की संभावना के बारे में पूछे जाने पर संगमा ने कहा,"राजनीति में कोई परिवार नहीं होता है। लोगों का कल्याण ही मायने रखता है।"एक कांग्रेस नेता ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर कहा. " श्री मुकुल भी जल्द ही उचित समय पर कांग्रेस में लौट आएंगे। कई पूर्व कांग्रेस नेता पहले ही पार्टी में लौट आए हैं और चुपचाप जमीनी स्तर पर पार्टी में जान फूंक रहे हैं।" कांग्रेस नेता ने कहा, "यह बस समय की बात है और आप कई नेताओं की वापसी देखेंगे, जो इस सरकार का अभिन्न अंग हैं, लेकिन अवसरवाद और भ्रष्टाचार कारण सरकार से मोहभंग हो गया है।" श्री संगमा ने कहा कि वह वर्तमान राज्य नेतृत्व के तहत पार्टी के भीतर कोई भी भूमिका निभाने को तैयार हैं, जो एक बड़े राजनीतिक और पहचान के संकट का सामना कर रही है। वर्तमान 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस का कोई प्रतिनिधि नहीं है।

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