कोलकाता , मार्च 27 -- भाजपा नेता दिलीप घोष ने रामनवमी के दिन बसंती बाजार क्षेत्र में हुई झड़प को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस पर विधानसभा चुनाव से पहले वोट बैंक मजबूत करने के लिए दंगे भड़काने का आरोप लगाया है।
दक्षिण 24 परगना के बसंती बाजार में गुरुवार को विधानसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान भाजपा ओर तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसा के बाद सुरक्षा स्थिति पर चिंता जताते हुए श्री घोष का यह बयान आया है।
खड़गपुर सदर विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे श्री घोष ने शुक्रवार को कहा, "रामनवमी के दौरान दंगा शुरू करने की हिम्मत किसमें है? वह मुसलमानों को उकसा रही हैं। बसंती में उन लोगों ने आकर हमारे पार्टी कार्यालय को तोड़ दिया और रैली के दौरान झगड़ा किया। उन्हें यह सब बहुत ज्यादा नहीं करना चाहिए, यह उनके लिए बहुत महंगा साबित होगा। वे हमें धमका रहे हैं। पुलिस लगातार धमकियां देती रहती है। पुलिस ने एक कार्यकर्ता को पीट-पीटकर मार डाला। एक महीने पहले, यहां के गुंडों ने एक सिविक वॉलंटियर की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। कानून-व्यवस्था कहां है?"उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाते हुए कहा, "मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पिछले 15 वर्षों में पश्चिम बंगाल को बर्बाद कर दिया है। राज्य में न अस्पताल हैं, न स्कूल और न ही सुरक्षा। हालांकि दुनिया में संघर्ष चल रहे हैं, लेकिन देश में शांति है। यहां तृणमूल कांग्रेस अपना वोट बैंक मजबूत करने के लिए दंगे भड़का रही है।"उन्होंने कहा "असली सवाल यह है कि यह तृणमूल सरकार कब तक चलेगी? तृणमूल सरकार सिर्फ चार मई तक ही है। उसके बाद घुसपैठिये कहाँ जाएँगे?"इससे पहले भाजपा सांसद बिप्लब कुमार देब ने दक्षिण 24 परगना जिले के बसंती विधानसभा क्षेत्र में पार्टी उम्मीदवार विकास सरदार के प्रचार के दौरान बसंती बाजार के पास हुई हिंसा की कड़ी निंदा की और 'जेहादियों' व गुंडों पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया।
श्री देब ने दावा किया कि बड़ी संख्या में 'चिह्नित' हमलावरों ने पार्टी के कार्यकर्ताओं पर हमला किया और जब पुलिस बलों ने हस्तक्षेप किया, तो उन पर भी हमला किया गया। उन्होंने आगे सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर 'मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में हिंसा का माहौल बनाने' का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, "बड़ी संख्या में जेहादियों ने, जिनके नामों की पहचान कर ली गयी है, हमारे कार्यकर्ताओं पर हमला किया। बाद में, जब पुलि बल पहुंचा, तो उन्होंने उन पर भी हमला कर दिया। पश्चिम बंगाल में सुश्री बनर्जी के नेतृत्व में खड़ा किया गया गुंडों और जेहादियों का साम्राज्य ही इसका कारण है, जो बसंती बाजार में देखने को मिला।
गुरुवार को भाजपा और तृणमूल कार्यकर्ताओं के बीच हुई झड़प के बाद बसंती बाजार इलाके में सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गयी है।
पश्चिम बंगाल में चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतों की गिनती 4 मई को होनी तय है।
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