कोलकाता , दिसंबर 04 -- पश्चिम बंगाल में सत्तारुढ़ तृणमूल कांग्रेस ने गुरुवार को पार्टी विधायक हुमायूं कबीर को पार्टी से निलंबित कर दिया।
भरतपुर विधायक कबीर ने बेलडांगा में बाबरी मस्जिद निर्माण का प्रस्ताव रखा था जिस पर उठे राजनीतिक बवाल के बाद यह कार्रवाई की गई है। बाबरी मस्जिद की प्रतिकृति बनाने संबंधी उनके प्रस्ताव से पूरे पश्चिम बंगाल में विवाद उत्पन्न हो गया था जिस पर पार्टी के अंदर और बाहर दोनों तरफ से प्रतिक्रियाएं आ रही थीं।
विधायक कबीर को पार्टी से निलंबित करने की घोषणा वरिष्ठ तृणमूल कांग्रेस नेता एवं कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम ने की। श्री हकीम ने कहा, "हमारे एक विधायक ने अचानक घोषणा कर दी कि वह बाबरी मस्जिद बनवाएंगे। अचानक बाबरी मस्जिद क्यों? हमने उन्हें पहले ही चेतावनी दी थी। हमारी पार्टी के फैसले के अनुसार हम विधायक कबीर को निलंबित कर रहे हैं।" उन्होंने कहा कि इस फैसले को पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और महासचिव अभिषेक बनर्जी की मंजूरी प्राप्त है।
श्री हकीम ने कहा कि श्री कबीर बेलडांगा में अनावश्यक सांप्रदायिक तनाव उत्पन्न कर रहे हैं और भड़का रहे हैं जहां हाल ही में सांप्रदायिक हिंसा हुई है। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद जैसे मुद्दों को उठाने से आगामी विधानसभा चुनावों में विपक्षी भारतीय जनता पार्टी को ही फायदा होगा।
इस बीच श्री कबीर ने कहा कि वह शुक्रवार को या सोमवार तक तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा देंगे और 22 दिसंबर को नयी पार्टी का गठन करेंगे। उन्होंने श्री हकीम के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करने से इनकार करते हुए कहा कि वह 22 दिसंबर को बहरामपुर में नयी पार्टी का गठन करेंगे और 2026 में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक छद्म धर्मनिरपेक्ष हैं, उनके पास आरएसएस का चेहरा है तथा वह मंदिर निर्माण के लिए धन जुटाती हैं और प्रति वर्ष दुर्गा पूजा के लिए धन दान करती हैं।
कलकत्ता उच्च न्यायालय शुक्रवार को बाबरी मस्जिद के र्निर्माण पर विधायक कबीर की टिप्पणी से संबंधित एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश की पीठ इस मामले की सुनवाई करेगी।
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