कोलकाता , मार्च 27 -- तृणमूल कांग्रेस ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर 11 उम्मीदवारों की स्थिति पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

इन उम्मीदवारों में राज्य की मंत्री शशि पांजा भी शामिल हैं, जिनके नाम चल रही एसआईआर प्रक्रिया के बीच 'विचाराधीन' सूची में बने हुए हैं।

राज्य की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य की ओर से ईमेल के जरिए भेजे गए तीन-पृष्ठों के इस पत्र में कई चिंताओं को उजागर किया गया है, जिसमें इन उम्मीदवारों की स्थिति को सुलझाने में हो रही देरी भी शामिल है। पार्टी ने 11 निर्वाचन क्षेत्रों की एक विस्तृत सूची भी संलग्न की है, जिसमें उम्मीदवारों के नाम और इपिक नंबर दिए गए हैं। इन निर्वाचन क्षेत्रों में उत्तर दिनाजपुर का गोलपोखर, मालदा का मोथाबाड़ी, मुर्शिदाबाद के शमशेरगंज, लालगोला और नाओदा, कोलकाता का श्यामपुकुर, हुगली के चंडीतला और उत्तरपाड़ा, उत्तर 24 परगना का देगांगा, और बीरभूम का हंसन शामिल हैं। सुश्री शशि पांजा श्यामपुकुर से फिर से चुनाव लड़ रही हैं। इनमें से छह निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान पहले चरण में होगा, जबकि शेष पांच में मतदान दूसरे चरण में होगा। पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 06 अप्रैल है, और दूसरे चरण के लिए 09 अप्रैल है।

तृणमूल कांग्रेस ने शीर्ष न्यायालय के उस निर्देश के अनुसार मुख्य न्यायाधीश से संपर्क किया है, जिसमें 'विचाराधीन' सूची के निपटान की निगरानी का जिम्मा कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को सौंपा गया था। पार्टी ने चिंता जतायी है कि शुक्रवार शाम तक भी उसके 11 उम्मीदवारों का 'विचाराधीन' सूची में बने रहना चुनाव प्रचार और नामांकन प्रक्रियाओं को प्रभावित कर रहा है।

पत्र में कहा गया है कि चुनाव प्रचार पहले से ही चल रहा है और नामांकन के लिए कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना आवश्यक है। ऐसे में इस मामले में हुई देरी ने अनिश्चितता की स्थिति पैदा कर दी है।

चुनाव आयोग ने 23 मार्च को पहली सूची जारी की थी, लेकिन यह खुलासा नहीं किया था कि कितने नाम स्वीकार किए गए या अस्वीकार किए गए।

सूत्रों ने संकेत दिया है कि उस तारीख तक लगभग 32 लाख नामों की प्रक्रिया पूरी कर ली गई थी, हालांकि सटीक आंकड़ों को लेकर अभी भी भ्रम बना हुआ है। यह सूची 23 मार्च की देर रात प्रकाशित की गयी थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस सूची पर विरोध जताते हुए इसके समय तथा पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाए। उनकी टिप्पणी के एक दिन बाद उनकी पार्टी ने औपचारिक रूप से कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर स्पष्टीकरण और हस्तक्षेप की मांग की।

तृणमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग द्वारा निपटाए गए मामलों की एक दैनिक सूची प्रकाशित किए जाने की मांग की , जिसमें नामों को सूची से बाहर रखने के कारणों का भी उल्लेख हो। इसके अलावा उन लोगों के लिए दोबारा आवेदन करने की प्रक्रिया को सरल बनाने की भी मांग की है, जिन्हें सूची से बाहर रखा गया है। इसमें ईसीआईनेट पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा देने की भी मांग की गयी है।

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