नयी दिल्ली , जनवरी 03 -- तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसद मौसम नूर घर वापसी करते हुए शनिवार को फिर कांग्रेस में शामिल हो गयीं जिसे पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव से पहले वहां सत्तारूढ़ दल को झटका माना जा रहा है।
श्रीमती नूर ने राजधानी में कांग्रेस के मुख्यालय पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थित में कांग्रेस की सदस्यता ली। उन्होंने राज्य सभा से इस्तीफा देने की भी घोषणा की है।
मालदा लोक सभा सीट से 16वीं और 17वीं लोकसभा में कांग्रेस के टिकट पर जीतीं सुश्री मौसम नूर 2019 में तृणमूल कांग्रेस के साथ जुड़ गयी थीं। उन्हें तृणमूल कांग्रेस ने अप्रैल 2020 में राज्य सभा में भेजा था। उनका राज्य सभा का कार्यकाल आगमी अप्रैल में समाप्त हो रहा था। उन्होंने कहा कि वह सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का पत्र दे देंगी।
उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष भेज दिया है।
सुश्री नूर ने कांग्रेस संचार विभाग के प्रभारी जयराम रमेश, पार्टी के पश्चिम बंगाल के प्रभारी गुलाम अहमद मीर, पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार तथा लोकसभा सांसद ईशा खान चौधरी की मौजूदगी में पुन: कांग्रेस की सदस्यता ली। इस मौके पर उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि उन्होंने और उनके परिवार के लोगों ने पुन: कांग्रेस के साथ जुड़ कर दिवंगत ए.बी.ए. गनी खान चौधरी (पूर्व केंद्रीय मंत्री) की विरासत को मजबूत करने का निर्णय लिया है। उन्होंने कि वह अपने चाचा गनी खान चौधरी की प्रेरणा से राजनीति में आयी थीं और उनकी ही तरह लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस में रहकर उनके लिए श्री खान की नीतियों पर चलना कठिन था इसलिए वह कांग्रेस में लौट आयी हैं।
सुश्री नूर ने कहा, "मैं निश्चित रूप से चाहती हूं कि बंगाल में बदलाव आये। मैं खुद बदलाव बनना और देखना चाहती हूं। भाजपा हमारी दुश्मन है और वह आगे भी प्रमुख दुश्मन बनी रहेगी। मेरे चाचा कांग्रेस के सिपाही थे। उनकी विरासत को जारी रखने के लिए हमें एकजुट होना होगा। मालदा के लोग कांग्रेस और धर्मनिरपेक्षता में विश्वास रखते हैं।" सुश्री नूर ने कहा कि उन्होंने तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष को अपना इस्तीफा भेज दिया है और अब सोमवार को राज्यसभा से इस्तीफा दे देंगी।
सुश्री नूर की घर वापसी पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "हमारे दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं। तृणमूल कांग्रेस तो कांग्रेस से ही पैदा हुई है। आने वाले दो महीनों में आप और भी बड़े-बड़े मेहमान हमारे पास आते देखेंगे।"कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस तरह की घटनाओं से विपक्षी इंडिया गठबंधन पर असर के बारे में पूछे जाने पर कहा, "अच्छा लग रहा है कि आज कुछ लोग इंडिया गठबंधन को याद कर रहे हैं। कुछ दिन पहले तो वे इसका नाम भी लेना नहीं चाहते थे।"पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष श्री शुभंकर ने कहा कि आज के दिन पश्चिम बंगाल में लड़ाई कठिन हो चुकी है। वहां बांटो और राज करो की राजनीति चल रही है और इसमें भाजपा वहां सरकार बनाने की फिराक में है और इसके लिए वह राजनीतिक भ्रम पैदा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल में लोगों के हित में कोई भी खास काम नहीं किया है ।
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