काहिरा , नवंबर 02 -- दुनिया के सबसे बड़े संग्रहालयों में से एक ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम (जीईएम) में अब आम लोग मिस्र के शासक तूतनखामेन से जुड़ी लगभग पांच हजार कलाकृतियों का दीदार अब आम लोग कर सकेंगे।
गीज़ा के मशहूर पिरामिड से मात्र दो किलो मीटर दूर स्थित इस संग्रहालय में मिस्र के सात हजार साल के इतिहास की एक लाख से अधिक कलाकृतियाँ प्रदर्शित की गई हैं, जिसमें मशहूर शासक तूतनखामेन से जुड़ी लगभग पांच हजार कलाकृतियाँ दो हॉलों में प्रदर्शित की गई हैं। तूतनखामेन की यह कलाकृतियाँ उसके मकबरे से ली गयी हैं, जिसकी खोज 1922 में ब्रिटिश पुरातत्वविद् हावर्ड कार्टर ने की थी।
उल्लेखनीय है कि तूतनखामेन केवल नौ साल की उम्र में 1333 ईस्वी पूर्व में राजा बना था और केवल 18 से 19 वर्ष की उम्र तक जीवित रहा, लेकिन उसका शासन काल अपने अद्भुत प्रभाव के लिए जाना जाता है।
जीईएम का उद्घाटन शनिवार शाम को किया गया, जिसमें 25 से अधिक देशों के राष्ट्र प्रमुखों और प्रधानमंत्रियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा भारत समेत 60 से अधिक देशों के प्रतिनिधि मौजूद थे। राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि दुनिया के सबसे प्राचीन राज्य की धरती मिस्र में आपका स्वागत है। उन्होंने मिस्र की सभ्यता के महत्व का उल्लेख कहा कि यह वह धरती हैं, जहाँ सभ्यता ने अपना पहला अक्षर लिखा और दुनिया ने कला, विचार, लेखन और पंथ के जन्म को देखा।
लगभग 16 हजार वर्ग फीट में स्थित यह भव्य संग्रहालय अपनी वास्तुकला के लिए भी सराहनीय है। संग्रहालय में प्रवेश करते वक्त एक भव्य सीढ़ी से होकर गुजरते हैं, जिसपर 59 प्राचीन मूर्तियाँ और कलाकृतियाँ मौजूद हैं। इस सीढ़ी से राजा खुफू का मशहूर पिरामिड भी दिखता है।
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