खरगोन , मार्च 11 -- मध्यप्रदेश में खरगोन जिले के सनावद थाना क्षेत्र में अपने तीन मासूम बच्चों को कुएं में फेंकने के आरोप में एक महिला को पुलिस ने बुधवार रात गिरफ्तार कर लिया। इस घटना में तीनों बच्चों की पानी में डूबने से मौत हो गई थी।
पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि सनावद थाना क्षेत्र के ग्राम मलगांव और भोमवाड़ा के बीच स्थित एक खेत में यह घटना हुई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नानी बाई ने अपने दो वर्षीय पुत्र अर्जुन और चार वर्षीय पुत्र करण को खेत में बने कुएं में फेंक दिया। इसके बाद वह स्वयं भी अपने लगभग 15 दिन के शिशु को लेकर कुएं में कूद गई।
उन्होंने बताया कि नानी बाई तैरना जानती थी, लेकिन घबराहट के कारण वह कुएं के अंदर मौजूद रस्सी और सीढ़ी का सहारा लेकर किसी तरह बाहर निकल आई। बाहर आने के बाद उसने शोर मचाया, लेकिन तब तक ग्रामीणों द्वारा बच्चों को बाहर निकालने से पहले ही तीनों मासूमों की पानी में डूबने से मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही सनावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। घटना के समय महिला का पति कालू मजदूरी करने के लिए खेतों में गया हुआ था।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार प्रथम दृष्टया यह सामने आया है कि महिला ने लगभग 15 दिन पहले बच्चे को जन्म दिया था और वह प्रसव के बाद मानसिक अवसाद की स्थिति से गुजर रही थी, जिसके कारण उसे तीनों बच्चों को संभालने में कठिनाई हो रही थी। पुलिस ने महिला के विरुद्ध हत्या का प्रकरण दर्ज कर बुधवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया है।
नानी बाई के पति कालू ने पुलिस को बताया कि वह अपने करीब 20 साथियों के साथ खंडवा जिले के पिपलूद क्षेत्र से मजदूरी करने के लिए सनावद थाना क्षेत्र के मलगांव आया हुआ था। सभी मजदूर यहां गेहूं काटने का काम कर रहे थे और खेत के पास ही अस्थायी रूप से रह रहे थे।
उसने बताया कि वह सुबह करीब सात बजे अन्य मजदूरों के साथ गेहूं काटने के लिए खेत में चला गया था और कुछ समय बाद उसे घटना की सूचना मिली। कालू ने यह भी बताया कि उसका अपनी पत्नी के साथ किसी प्रकार का विवाद नहीं था और वे सामान्य रूप से साथ रह रहे थे।
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