जगदलपुर , जनवरी 4 -- छत्तीसगढ़ में जगदलपुर के विजय वार्ड में रविवार को एक महत्वपूर्ण सामाजिक और धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें ईसाई समाज से जुड़े तीन परिवारों के कुल 11 सदस्यों ने 22 वर्षों बाद अपने मूल हिंदू धर्म में घर वापसी की।
यह आयोजन अविनाश सिंह गौतम के मार्गदर्शन में तथा ढालेश्वर नाग के नेतृत्व में शांतिपूर्ण और पारंपरिक वातावरण में संपन्न हुआ। घर वापसी के अवसर पर पारंपरिक विधि-विधान के अनुसार सभी लोगों के पैर धोए गए, उन्हें भगवा गमछा ओढ़ाया गया और श्रीमद्भगवद्गीता भेंट कर सनातन धर्म में पुनः सम्मिलित किया गया। इस दौरान विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष प्रतीक सिंह भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शामिल परिवारों ने भावुक होते हुए कहा कि 22 वर्षों बाद उन्हें अपने मूल धर्म से जुड़ने का अवसर मिला है, जिसे वे सौभाग्य मानते हैं।
अविनाश सिंह गौतम ने बताया कि विजय वार्ड निवासी ढालेश्वर नाग एवं उनके साथियों के सतत प्रयासों से लच्छिन बघेल, सोमेश बघेल, मंगल दाई बघेल, फूल बघेल, आशीष बघेल, असीमा बघेल, विलेशी बघेल, सुप्रिया बघेल, गोमती बघेल, भगवती बघेल और पार्वती बघेल ने हिंदू धर्म में वापसी की। कार्यक्रम के दौरान शिव मंदिर में बहन संगीता साहू और उनकी भजन मंडली द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। पाठ के पश्चात राम भोज का भी आयोजन किया गया।
वक्ताओं ने कहा कि हिंदू धर्म सनातन, सहिष्णु और सभी को अपनाने वाला धर्म है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करता है। इस आयोजन से विजय वार्ड क्षेत्र में सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का संदेश गया। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज में सौहार्द बढ़ाने वाला कदम बताया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और वार्ड के अनेक नागरिक मौजूद रहे।
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