नयी दिल्ली , अप्रैल 06 -- सशस्त्र बलोंं के लिए भविष्य के बहुआयामी संघर्षों का रोडमैप तैयार करने पर चर्चा के लिए तीनों सेनाओं की दो दिवसीय संगोष्ठी 'रण संवाद' गुरुवार और शुक्रवार को वायु सेना प्रशिक्षण कमान, बेंगलुरु में होगी।

संगोष्ठी का यह संस्करण युद्ध के उभरते प्रतिमानों पर निरंतर और सुनियोजित संवाद की शुरुआत का प्रतीक है। संगोष्ठी का विषय "बहु-क्षेत्रीय अभियान: पारंपरिक और अनियमित खतरों से निपटने की अनिवार्यता" है।

संगोष्ठी के दौरान रक्षा बलों को थल, वायु, समुद्र, साइबर, अंतरिक्ष और संज्ञानात्मक क्षेत्रों सहित बहुआयामी संघर्ष के लिए तैयार करने के उद्देश्य से एक रूपरेखा बनाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। विभिन्न सत्रों में बहुआयामी अभियानों के विकास, आधुनिक युद्धक्षेत्रों को आकार देने वाले वैश्विक रुझानों, राष्ट्रीय संसाधनों का लाभ उठाने वाले राष्ट्रव्यापी दृष्टिकोण, सैद्धांतिक अनुकूलन और प्रशिक्षण तथा जटिल वातावरण में प्रभावी कमान और नियंत्रण के लिए परिचालन कला की पुनर्कल्पना जैसे प्रमुख पहलुओं पर चर्चा की जाएगी।

यह संगोष्ठी बहु-क्षेत्रीय अभियानों के संदर्भ में नागरिक-सैन्य समन्वय की व्यापक समझ भी प्रदान करेगी। यह भारतीय रक्षा बलों के लिए परिचालन तत्परता बढ़ाने और बहु-क्षेत्रीय वातावरण में पारंपरिक और अनियमित दोनों प्रकार के खतरों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए रणनीतियां विकसित करने में एक मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगी।

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