बैतूल , फरवरी 6 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले की धार्मिक नगरी मुलताई में ताप्ती जल मार्ग पर कथित अतिक्रमण के मामले में न्यायालय ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर पालिका और राजस्व विभाग को शनिवार तक सीमांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश प्रथम व्यवहार न्यायाधीश ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया, जिसमें एक पक्ष ने नाले पर अतिक्रमण न होने का दावा किया था।
मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारी को कमिश्नर नियुक्त किया है। उनके मार्गदर्शन में नगर पालिका और राजस्व विभाग संयुक्त रूप से ताप्ती जल मार्ग और उससे जुड़े क्षेत्रों का विधिवत सीमांकन करेंगे।
न्यायालय के निर्देशानुसार सीमांकन की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत रिपोर्ट शनिवार तक अदालत में प्रस्तुत की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह स्पष्ट होगा कि जल मार्ग पर अतिक्रमण हुआ है या नहीं और उसकी वास्तविक स्थिति क्या है।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने न्यायालय के इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्षों से ताप्ती जल मार्ग पर अतिक्रमण के कारण जल प्रवाह बाधित हो रहा है, जिससे वर्षा ऋतु में जलभराव की गंभीर समस्या उत्पन्न होती है।
अब लोगों को उम्मीद है कि सीमांकन के बाद वास्तविक स्थिति सामने आएगी और अतिक्रमण हटाने की दिशा में ठोस कार्रवाई होगी। अब सभी की निगाहें शनिवार को अदालत में पेश होने वाली रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे इस लंबे समय से चले आ रहे विवाद के समाधान की संभावना जताई जा रही है।
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