आगरा , जनवरी 13 -- उत्तर प्रदेश के आगरा में विश्व प्रसिद्ध ताजमहल पर मुगल बादशाह शाहजहां का 371 वां उर्स 15 से 17 जनवरी के बीच मनाया जायेगा। उर्स के लिये 1720 मीटर लंबी चादर तैयार की गई है जिसे उर्स के आखिरी दिन 17 जनवरी को शाहजहां की कब्र पर चढ़ाया जायेगा। इस चादर को बनाने में करीब एक महीने का वक्त लगा है। इस चादर को बनाने के लिए आम लोग अपनी मर्जी से रेशमी कपड़ा देते हैं। उर्स कमेटी के लोग जिनमें सभी धर्मो के लोग शामिल हैं वो लोग चादर को तैयार करते हैं। कुछ लोग ऐसे भी है जिनकी कई पीढ़ियां चादर बनाने का काम करती आ रहीं हैं। इस चादर में सभी रंगों के कपड़े शामिल किए जाते हैं इसलिए इस चादर को हिन्दुस्तानी सतरंगी चादर कहा जाता है। भी धर्मो के लोग अकीदत के साथ कपड़ा देते हैं लिहाजा ये चादर हर साल चादर की लंबाई बढ़ जाती है इसलिए इस बार चादर की लंबाई 1720 मीटर की बनी है। इस वर्ष 15,16 और 17 जनवरी को उर्स बनाया जाएगा जिसमें बड़ी तादात में लोग शामिल होंगे।
इस मौके पर ताजमहल के तहखाने को खोला जाएगा जहां पर शाहजहां और मुमताज को असली कब्र हैं। उर्स के पहले दिन कब्रों का गुस्ल होगा। दूसरे दिन संदल के रस्म की अदायगी की जाएगी। उर्स आखिरी दिन यानी 17 जनवरी को 1720 मीटर लंबी चादर को पेश किया जाएगा। उर्स के 15 और 16 जनवरी को दो बजे से ताजमहल में सभी के लिए प्रवेश मुफ्त कर दिया जाएगा जबकि 17 जनवरी को पूरे दिन ताजमहल का टिकट फ्री रहेगा।
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