बठिंडा , मार्च 20 -- पंजाब के बठिंडा तलवंडी साबो के लिए रेलवे लिंक को मंजूरी मिलने के साथ एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। यह पवित्र स्थल तख़्त श्री दमदमा साहिब से जुड़ा है, जो सिख धर्म के पांच तख्तों में से एक है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद सभी पांचों तख्त रेल मार्ग से आपस में जुड़ जाएंगे, जिससे धार्मिक और क्षेत्रीय संपर्क को नयी मजबूती मिलेगी।

रेल एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बठिंडा में इस परियोजना की घोषणा करते हुए कहा कि यह केवल एक रेलवे लाइन नहीं, बल्कि आस्था, गौरव और लंबे समय से लंबित मांगों को पूरा करने का प्रतीक है।

रमन मंडी-सद्दा सिंहवाला नयी ब्रॉड गेज रेल लाइन परियोजना, मानसा-बठिंडा डबलिंग योजना के तहत एक महत्वपूर्ण पहल है। 42.9 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की कुल लागत 1118.47 करोड़ रुपये होगी, जबकि प्रति किलोमीटर लागत 26.07 करोड़ रुपये तय की गयी है। यह परियोजना मानसा और बठिंडा जिलों को कवर करेगी और क्षेत्रीय विकास को गति देगी।

परियोजना के लिए 192.42 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी, जिसमें मानसा में 40.508 हेक्टेयर और बठिंडा में 151.912 हेक्टेयर भूमि शामिल है। इसके तहत छह रेलवे स्टेशन विकसित किये जायेंगे, जिनमें दो मौजूदा और चार नये स्टेशन लालेआना, तलवंडी साबो, जगा राम तीर्थ और कमालू सवाइच शामिल हैं।

रेलवे लाइन को पूरी तरह लेवल क्रॉसिंग मुक्त बनाया जाएगा। इसमें दो प्रमुख पुल, एक अतिरिक्त प्रमुख पुल घटक, 56 छोटे पुल और 55 रोड अंडर ब्रिज बनाये जाएंगे। साथ ही 2 गुणे 25 केवी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन और आधुनिक सिग्नलिंग प्रणाली स्थापित की जाएगी।

मंत्री ने अपने संबोधन में पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि लंबे समय तक सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने बुनियादी ढांचे और सिख विरासत के विकास पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आस्था का राजनीतिक लाभ उठाया गया, लेकिन ठोस कार्य नहीं किये गये।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान नेतृत्व में सिख आस्था का सम्मान विकास कार्यों के माध्यम से किया जा रहा है और लोगों की लंबे समय से लंबित मांगें पूरी हो रही हैं।

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