अमृतसर , जनवरी 05 -- पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद सोमवार को श्री अकाल तख़्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के आदेश पर विभाग की ओर से स्पष्टीकरण देने के लिए श्री अकाल तख़्त साहिब में पेश हुए।
कैबिनेट मंत्री ने श्री अकाल तख़्त साहिब के सचिवालय में सिंह साहिबानों के समक्ष अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया। इसके उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख़्त साहिब हमारी सर्वोच्च संस्था है और सिंह साहिबानों द्वारा दिया गया हर आदेश हमारे लिए सर्वोच्च आदेश है। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी पर्व के अवसर पर श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी स्मारक बनाया गया है, जिसमें लगाई गई एक तस्वीर को लेकर जत्थेदार साहिब ने आपत्ति जताते हुए तलब किया था। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा जताई गई आपत्ति के अनुसार उसी दिन तस्वीर को दुरुस्त कर दिया गया था, लेकिन विभाग का मुखिया होने के नाते वे सोमवार को स्पष्टीकरण देने के लिए आए हैं। उन्होंने बताया कि सिंह साहिबानों ने उनका पक्ष सुनते हुए आदेश दिया है कि विभाग द्वारा करवाए जाने वाले किसी भी कार्य में सिख धर्म की मर्यादा को सुनिश्चित किया जाए और गुरुओं व शहीदों के सम्मान में कोई कमी न रहे।
श्री सौंद ने बताया कि सिंह साहिबानों ने यह भी कहा है कि गुरमत विचारधारा के धारण करने वाले किसी विद्वान अधिकारी को विभाग में नियुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को अवगत करवा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में कोई भी गलती न हो। उन्होंने कहा कि विभाग को भी इस संबंध में सख्त निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि जब भी धर्म से संबंधित कोई भी कार्यक्रम या कार्य किया जाए, तो इस संबंध में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और श्री अकाल तख़्त साहिब से मार्गदर्शन लेना सुनिश्चित किया जाए।
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