रामनगर , जनवरी 24 -- कॉर्बेट पार्क से सटे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटो इको-टूरिज्म सफारी जोन में वन्यजीव पर्यटन के नियमों की अनदेखी का मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए तराई पश्चिमी के डीएफओ प्रकाश आर्य ने दो जिप्सियों, चालकों और उनमें बैठे नेचर गाइड्स को अनिश्चितकाल के लिए सफारी जोन में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया है।
डीएफओ प्रकाश आर्य ने जानकारी देते हुए बताया कि दिनांक 13 जनवरी 2026 को प्रातः पाली के दौरान फाटो इको-टूरिज्म सफारी जोन में नेचर गाइड आशीष दफोटी व राज कराकोटी तथा जिप्सी चालक अमजद व शमशाद (कलुआ) द्वारा नियमों के विरुद्ध सफारी कराई गई। वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से देखा गया कि टाइगर की मौजूदगी की सूचना मिलते ही जिप्सियों को निर्धारित गति से कहीं अधिक तेज रफ्तार में चलाया गया और वाहन को बाघ के बेहद नजदीक ले जाया गया।
डीएफओ ने बताया कि सफारी के दौरान इस तरह की लापरवाही न केवल वन्यजीवों के लिए खतरा पैदा करती है, बल्कि इससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका भी बढ़ जाती है। तेज गति और अनुशासनहीनता के कारण बाघ के आक्रामक होने की संभावना रहती है, जिससे किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता। इस कृत्य से संबंधित जिप्सी चालक और नेचर गाइड ने न केवल अपनी, बल्कि पर्यटकों की जान को भी जोखिम में डाला।
उल्लेखनीय है कि 13 जनवरी को कॉर्बेट टाइगर रिज़र्व से सटे तराई पश्चिमी वन प्रभाग के फाटों पर्यटन जोन से एक चिंताजनक वीडियो सामने आया था। वीडियो में देखा गया कि टाइगर की सूचना मिलते ही एक ही स्थान पर कई जिप्सियां तेज रफ्तार में जंगल के भीतर दौड़ती नजर आईं। जैसे ही किसी एक जिप्सी चालक को बाघ की मौजूदगी की जानकारी मिली, उसी सूचना के आधार पर अन्य जिप्सियां भी बिना संयम और नियमों का पालन किए उसी दिशा में बढ़ गईं।
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