चेन्नई , अप्रैल 06 -- द्रविड मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की संसदीय दल की नेता कनिमोझी ने सोमवार को अन्नाद्रमुक और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि श्री ईके पलानीस्वामी दिल्ली के "आका" से डरते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के प्रभाव में हैं, लेकिन तमिलनाडु के मामले में दोनों एक साथ खड़े हैं।

सुश्री कनिमोझी ने कोयंबटूर जिले के सुलूर और कवुंडमपलायम विधानसभा क्षेत्रों में चुनावी सभाओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव द्रमुक गठबंधन और अन्नाद्रमुक नीत राजग के बीच नहीं, बल्कि तमिलनाडु और राजग के बीच की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि द्रमुक गठबंधन समावेशिता और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि विरोधी दल देश को सांप्रदायिक आधार पर बांटने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और वहां अशांति का माहौल पैदा किया जा रहा है।

उन्होंने केंद्र सरकार पर राज्य के लिए शिक्षा मद में देय धन रोकने का आरोप लगाया और कहा कि कोयंबटूर जैसे औद्योगिक केंद्र को मेट्रो रेल परियोजना से वंचित रखा गया है। उन्होंने छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का वादा भी किया।

इससे पहले दक्षिणी जिलों में प्रचार के दौरान सुश्री कनिमोझी ने भाजपा पर विपक्षी दलों को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और श्री पलानीस्वामी को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन करने वालों का हश्र सामने है और श्री नीतीश कुमार का उदाहरण दिया, जिन्हें उन्होंने राज्यसभा सदस्य तक सीमित होने का आरोप लगाया।

सुश्री कनिमोझी ने कहा कि अन्नाद्रमुक ही उनका मुख्य विपक्ष है, लेकिन लगता है कि श्री पलानीस्वामी को भविष्य में किसी राज्यपाल पद पर भेजा जा सकता है, हालांकि किस राज्य में यह स्पष्ट नहीं है।

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