चेन्नई , दिसंबर 08 -- तमिलनाडु सरकार ने वन में दो हाथियों को स्थानांतरित करने के दौरान हुई मौत के मद्देनजर जंगली जानवरों को पकड़ने, दूसरी जगह ले जाने और छोड़ने के लिए प्रोटोकॉल का एक व्यापक सेट (एसओपी) विकसित करने के लिए 6-सदस्यीय विशेषज्ञ समिति का गठन किया।

समिति की अध्यक्षता प्रधान मुख्य वन संरक्षक और निदेशक, एडवांस्ड इंस्टीट्यूट फॉर वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ए उदययन (एआईडब्ल्यूसी), चेन्नई करेंगे।

समिति दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट और एसओपी का मसौदा प्रस्तुत करेगी। पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि तमिलनाडु सरकार वैज्ञानिक वन्यजीव संरक्षण, जंगली जानवरों के मानवीय प्रबंधन और जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है।

जंगली हाथियों और अन्य प्रजातियों को दूसरी जगह ले जाना केवल विशेष परिस्थितियों में किया जाता है, जिसमें संघर्ष को कम करने या मानव जीवन की सुरक्षा की आवश्यकता होती है।

हाल के महीनों में दो जंगली हाथियों की मौत ने मौजूदा प्रोटोकॉल के बारे में चिंताएं बढ़ा दी हैं। हालांकि मौत के कारणों का मूल्यांकन किया जा रहा है। ये घटनाएं जंगली जानवरों, विशेष रूप से हाथियों को पकड़ने, संभालने, दूसरी जगह ले जाने, छोड़ने और छोड़ने के बाद निगरानी की प्रक्रियाओं की एक व्यापक, विज्ञान-आधारित समीक्षा की आवश्यकता को रेखांकित करती हैं।

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