चेन्नई , दिसंबर 07 -- तमिलनाडु सरकार ने कोयम्बटूर जिले के वालपराई वन क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए रविवार को छह सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की और दो हफ़्ते में रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन और वन विभाग की विज्ञप्ति के मुताबिक असम का एक परिवार तीन बच्चों (एक लड़की और दो लड़के) के साथ एक निजी कंपनी के अय्यरपडी चाय बागान के अंदर स्थित चार घरों वाली श्रमिक लाइन में रहता है। शनिवार की शाम करीब 19.15 बजे बच्चा अपने घर के सामने खेल रहा था और माता-पिता अंदर थे। इसी दौरान एक तेंदुआ पांच वर्षीय बच्चे, मास्टर सैफुल आलम को उठाकर पास की चाय की झाड़ियों में ले गया। शोर सुनकर एक पड़ोसी ने तुरंत वन अधिकारियों को सूचित किया।
वन अधिकारी, वालपराई ने एक टीम तैनात की जो बिना किसी देरी के घटनास्थल पर पहुंची और खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। बाद में बच्चे का शव चाय की झाड़ियों से बरामद किया गया और पोस्टमार्टम के लिए वालपराई के सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि वन विभाग शोक संतप्त परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहा है। वालपराई के चाय बागानों के आवासीय क्षेत्रों में जंगली जानवरों की लगातार आवाजाही के कारण जनता को होने वाली असुविधा को देखते हुए वन विभाग सभी बागान क्षेत्रों में श्रमिकों और अधिकारियों के लिए लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। श्रमिकों और कर्मचारियों को सुरक्षित रहने एवं आपातकालीन स्थितियों से निपटने के बारे में शिक्षित करने के लिए नियमित रूप से जागरूकता सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, कोयंबटूर के जिला कलेक्टर और एस्टेट अधिकारियों के साथ एक जागरूकता बैठक आयोजित की गई। एस्टेट अधिकारियों को निर्देश दिया गया वे श्रमिक लाइनों के आसपास उचित निकासी बनाए रखें; घरों के आसपास दृश्यता बढ़ाने के लिए पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करें और शाम के समय सतर्कता बढ़ाएं।
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