चेन्नई , जनवरी 15 -- तमिलनाडु में वेतन नियमितीकरण की मांग को लेकर दो सप्ताह से चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश करने वाले अंशकालिक शिक्षक की बुधवार रात मौत हो गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक मंगलवार शाम विरोध प्रदर्शन स्थल पर शिक्षक कन्नन ने जहर खा ली थी जिसके बाद उन्हें सरकारी अस्पताल में भर्ती किया गया जहां कल रात उनकी मौत हो गई। अंशकालिक शिक्षक कई दिनों से वेतन नियमितीकरण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं जिसके कारण उन्हें रोजाना हिरासत में लिया जा रहा है और बाद में रिहा किया जा रहा है।
इस बीच राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने आंदोलनरत शिक्षकों से बातचीत की, जिसके बाद द्रमुक सरकार ने उनके वेतन को 12,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने पर सहमति व्यक्त की है।
श्री महेश ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि अंशकालिक शिक्षकों का मासिक वेतन 12,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये किया जाएगा। शिक्षकों की चिंताओं एवं मांगों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि शिक्षक कुछ समय से उचित पारिश्रमिक के लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस निर्णय के अंतर्गत अंशकालिक शिक्षकों को मई माह में अतिरिक्त 10,000 रुपये भी मिलेंगे, जैसा कि अधिकारियों के साथ हाल ही में हुई बातचीत में सहमति बनी थी। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों से अंशकालिक शिक्षकों को मई माह का बोनस नहीं दिया गया था जिससे शिक्षक समूहों में असंतोष और बढ़ गया था।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों के वेतन में वृद्धि करने का यह कदम शिक्षा के विकास में उनके योगदान को मान्यता देने एवं उनकी आजीविका को ज्यादा प्रभावी समर्थन देने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है लेकिन शिक्षकों की मांगों को पूरा करने में उत्पन्न होने वाली चुनौतियों का एक हिस्सा केंद्रीय निधि में देरी से जुड़ा हुआ है।उन्होंने संकेत दिया कि अगर केंद्र सरकार द्वारा एसएसए योजना के अंतर्गत 3,500 करोड़ रुपये की धनराशि समय पर प्रदान की जाती तो सरकार शिक्षकों की चिंताओं का तीव्र समाधान करने में सक्षम होती।
शिक्षक संघों ने इस घोषणा का स्वागत करते हुए इसे एक सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने इसे पूरे राज्य में अंशकालिक शिक्षकों के लिए बेहतर नौकरी सुरक्षा एवं सम्मान की दिशा में उठाया गया कदम बताया। उम्मीद है कि वेतन वृद्धि से सरकारी स्कूलों में अस्थायी या प्रति घंटा के आधार पर काम करने वाले शिक्षकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
इस बीच मुख्य विपक्षी दल अन्नाद्रमुक और उसकी सहयोगी भारतीय जनता पार्टी ने शिक्षक की आत्महत्या की कड़ी निंदा की और इसके लिए द्रमुक सरकार को जिम्मेदार ठहराया।
यहां एक बयान में, अन्नाद्रमुक के महासचिव और तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता ईके. पलानीस्वामी ने द्रमुक सरकार द्वारा विश्वासघात, उदासीनता एवं प्रशासनिक क्रूरता के माध्यम से एक अंशकालिक शिक्षक की मौत का कारण बनने की कड़ी निंदा की।
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