चेन्नई , अक्टूबर 20 -- तमिलनाडु में सोमवार को अंधकार को दूर कर प्रकाश लाने वाला दीपावली पर्व पारंपरिक हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।

बारिश के पूर्वानुमान के बीच, नए परिधान पहने लोगों ने पटाखे फोड़कर और अपने दोस्तों एवं परिवार के सदस्यों के साथ मिठाइयाँ बाँटकर इस त्यौहार का जश्न मनाया।

कई लोगों ने मंदिरों में भी जाकर इस अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना की।

तमिलनाडु सरकार ने दीपावली के त्यौहार को दुर्घटना-मुक्त बनाने के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं। तमिलनाडु राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लोगों से प्रदूषण से बचने के लिए केवल हरित पटाखे फोड़ने का आग्रह किया है।

सरकार द्वारा दीपावली के अगले दिन 21 अक्टूबर को अवकाश घोषित करने और इसे चार दिन आगे बढ़ाने की वजह से 10 लाख से अधिक लोग अपने परिवारों के साथ त्योहार मनाने के लिए चेन्नई से अपने गृहनगर लौट चुके हैं।

राज्य सरकार ने लोगों को उनके पैतृक स्थानों पर जाने के लिए निर्बाध यात्रा की सुविधा प्रदान करने हेतु पिछले चार दिनों में 3,000 से अधिक विशेष बसें चलाईं, वहीं दक्षिण रेलवे ने भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ से निपटने के लिए 200 से अधिक विशेष ट्रेनें चलाईं।

त्योहारी सीज़न का फायदा उठाते हुए ओमनी बस संचालक ग्राहकों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। लोगों को इससे बचाने के लिए, सरकार ने उन पर नज़र रखने और कड़ी कार्रवाई करने के लिए विशेष टीमें बनाई हैं। जैसे-जैसे माँग कई गुना बढ़ी, कई एयरलाइनों ने भी अपने किराए बढ़ा दिए लेकिन लोगों ने अपने पैतृक स्थानों पर जाने और अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने के लिए परिवहन के सभी साधनों को चुना।

इस बीच, शहर में राज्य सरकार द्वारा पटाखा बनाने अनुमति दी गयी। आइलैंड ग्राउंड्स में पटाखों की बिक्री में अच्छी बिक्री दर्ज की गई।

सूत्रों ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष बिक्री काफ़ी ज़्यादा हो रही है क्योंकि उन्होंने 15 करोड़ रुपये की बिक्री का लक्ष्य रखा था। कई पटाखा निर्माताओं ने अपनी दुकानें खोल दी हैं और दीपावली के बाद बुधवार तक दो दिन और दुकानें खुली रखने का वादा भी किया है।

रिपोर्टों के अनुसार देश में आतिशबाजी निर्माण के केंद्र शिवकाशी के पटाखा निर्माताओं ने पिछले वर्ष लगभग 13 करोड़ रुपये की बिक्री की थी और इस वर्ष बच्चों को ध्यान में रखकर पटाखों की नई किस्मों के आने से बिक्री 15 करोड़ रुपये तक पहुँचने की उम्मीद है।

चेन्नई शहर, उसके आस-पड़ोस और कई ज़िले 16 अक्टूबर से शुरू हुई भारी पूर्वोत्तर मानसून की बारिश से जूझ रहे हैं, फिर भी त्योहारों का उत्साह कम नहीं हुआ क्योंकि लोग राज्य भर में विभिन्न दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कपड़े और पटाखे खरीदने के लिए आखिरी समय में उमड़ पड़े।

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