चेन्नई , मार्च 30 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने सोमवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के तुरंत बाद अपने कोलाथुर निर्वाचन क्षेत्र में एक रोड शो किया।
वहीं दूसरी ओर, तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके ) के संस्थापक एवं अभिनेता-राजनेता विजय ने अपने पहले चुनावी मुकाबले में पेरम्बूर निर्वाचन क्षेत्र में प्रचार अभियान शुरू किया और सत्ताधारी द्रमुक पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा राज्य में नशे की समस्या को नियंत्रित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
श्री स्टालिन कोलाथुर से रिकॉर्ड लगातार चौथी जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं, जहाँ से उन्होंने पिछले तीन चुनाव (2011, 2016 और 2021) जीते थे और इस निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा में पहुंचने वाले एकमात्र प्रतिनिधि हैं। उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र के लिए किए गए विकास कार्यों पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया और एक रोड शो भी आयोजित किया।
श्री स्टालिन ने अपना नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद द्रमुक और गठबंधन दलों के कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। ये कार्यकर्ता पूरे रास्ते कतार में खड़े थे और श्री स्टालिन ने एक खुली जीप में खड़े होकर हाथ हिलाते हुए उनका अभिवादन स्वीकार किया। पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने निर्णायक जीत का विश्वास व्यक्त किया और कहा कि कोलाथुर की जनता एक बार फिर उन्हें भारी मतों के अंतर से चुनकर विधानसभा भेजेगी।
चुनावी मुकाबले को 'तमिलनाडु बनाम दिल्ली' की लड़ाई बताते हुए उन्होंने कहा, "हमारी जीत सुनिश्चित है। इस बार मुझे जो ज़बरदस्त समर्थन मिल रहा है, उसे देखते हुए यह हमारे गठबंधन के लिए एक विशाल जीत साबित होगी।" उन्होंने कहा कि वे कोलाथुर से चौथी बार निश्चित रूप से जीतेंगे और उन्हें पूरा विश्वास है कि द्रमुक 'दूसरे कार्यकाल के मिथक' को तोड़ते हुए सत्ता में बनी रहेगी और सातवीं बार सरकार बनाएगी।
गौरतलब है कि कोलाथुर, चेन्नई के सबसे उत्तरी छोर पर स्थित एक छोटा सा निर्वाचन क्षेत्र, जिसका गठन वर्ष 2011 में हुआ था। वर्ष 2021 में स्टालिन के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह एक 'स्टार निर्वाचन क्षेत्र' बन गया है, क्योंकि श्री स्टालिन ने यहाँ से लगातार तीन बार जीत हासिल की है।
इस बीच, श्री विजय ने उत्तरी चेन्नई के पेराम्बुर निर्वाचन क्षेत्र में अपने नामांकन पत्र दाखिल करने के तुरंत बाद अपना चुनावी अभियान शुरू किया। उनके अभियान में भारी भीड़ उमड़ी और उन्होंने द्रमुक पर राज्य को पतन की ओर धकेलने और महिलाओं की सुरक्षा को खतरे में डालने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "पांच साल तक पुलिस विभाग पर श्री स्टालिन का नियंत्रण था। जब बुनियादी सुरक्षा भी सुनिश्चित नहीं की जा सकी, तो हमें इस सरकार को सत्ता से बाहर क्यों नहीं कर देना चाहिए? लूटे हुए ढेर सारे पैसों से वे आपको रिश्वत देने की कोशिश करेंगे। वह पैसा ले लें और उनके कानों में 'सीटी' बजा दें।"पेराम्बुर से शुरू होकर श्री विजय के काफिले को प्रचार के लिए कोलाथुर तक की छोटी सी दूरी तय करने में लगभग दो घंटे लग गये। रास्ते भर समर्थकों की भारी भीड़ जमा होने के कारण काफिला कई मुख्य चौराहों पर बार-बार फंसता रहा। इस घटना के बाद टीवीके ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, सुश्री अर्चना पटनायक से शिकायत दर्ज करायी।
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