चेन्नई , मार्च 12 -- तमिलनाडु में पिछले दो दिनों के भीतर लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की तीन बड़ी घटनाएं सामने आयी हैं, जिनमें से एक छात्रा की हत्या कर दी गयी है।

इन घटनाओं ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इसके बाद गुरुवार को विपक्षी दलों ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा विरोध जताया और जनता में भारी आक्रोश देखा गया।

रिपोर्टों के मुताबिक दक्षिणी तूतुकुडी जिले के विलाथिकुलम में एक 17 वर्षीय छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के बाद उसकी हत्या कर दी गयी। वहीं चेन्नई से लगभग 100 किमी दूर चेंगलपट्टू जिले के मदुरंतकम में दो युवकों ने 14 वर्षीय स्कूली छात्रा के साथ दुष्कर्म किया और उसे जंगल के पास लावारिस छोड़ दिया। छात्रा पूरी रात अकेले रहने के बाद किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंची, जहां राहगीरों की मदद से पुलिस में शिकायत दर्ज करायी गयी।

तीसरी घटना राजधानी चेन्नई की है, जहां तिरुचिरापल्ली से प्रोजेक्ट वर्क के लिए आयी एक कॉलेज छात्रा को निशाना बनाया गया। एक गिरोह ने छात्रा को अश्लील तस्वीरें भेजकर धमकाया, उसका अपहरण कर कार में यौन उत्पीड़न करने के बाद सुनसान जगह पर छोड़ दिया। एक अस्पताल से जब प्रारंभिक उपचार करा कर वह अपने ठहरने के स्थान पर लौट रही थी तो उसी गिरोह ने उसे दोबारा अगवा कर धमकी दी कि यदि उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बावजूद साहस दिखाते हुए छात्रा ने कोट्टूरपुरम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करायी।

राज्य में बढ़ते अपराधों, विशेषकर कृष्णागिरी जिले में सत्तारूढ़ द्रमुक के एक कथित सदस्य के दो साल की बच्ची से किये गये दुर्व्यवहार के बाद महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गये हैं।

विलाथिकुलम में 12वीं की छात्रा का शव मिलने के बाद इलाके में तनाव फैल गया और स्थानीय लोगों व परिजनों ने पुलिसिया कार्रवाई में देरी के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

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