चेन्नई , दिसंबर 02 -- तमिलनाडु में चक्रवाती तूफान दितवा के असर से बारिश संबंधित घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है।

यह जानकारी मंगलवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री केकेएसएसआर रामचंद्रन ने दी।

यहां आपातकालीन प्रतिक्रिया नियंत्रण केंद्र में भारी बारिश से प्रभावित विभिन्न जिलों में स्थिति की समीक्षा करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में दीवार गिरने से दो लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य की मौत बिजली का झटका लगने से हुई। उन्होंने कहा कि पीड़ितों के परिवारों को एसडीआरएफ कोष से सहायता प्रदान की जाएगी। बारिश में कुल 582 मवेशी मारे गए, 1,000 से अधिक झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं तथा कावेरी डेल्टा और अन्य जिलों में 85,521,76 हेक्टेयर कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा।

श्री रामचंद्रन ने कहा कि फसलों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और बारिश कम होने के बाद यह प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री एम के स्टालिन के निर्देशानुसार, बारिश के पानी में डूबी और प्रभावित फसलों के लिए किसानों को प्रति हेक्टेयर 20,000 रुपये का मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मवेशियों की मौत तथा क्षतिग्रस्त मकानों और झोपड़ियों के लिए भी उचित राहत प्रदान की जाएगी।

श्री रामचंद्रन ने कहा कि दबाव का क्षेत्र कमजोर हो रहा है के आगे कमजोर होकर एक स्पष्ट निम्न दबाव का क्षेत्र में तब्दील होने की उम्मीद है। बुधवार को इसके महाबलीपुरम के निकट तट को पार करने की उम्मीद है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें ममल्लापुरम में तैनात की गई हैं और एनडीआरएफ की 11 कंपनियां, जिनमें प्रत्येक टीम में 30 सदस्य हैं, बारिश से प्रभावित चेन्नई शहर में तैनात की गई हैं। एनडीआरएफ टीमों के साथ 50 सदस्यीय एसडीआरएफ भी तैनात किया गया है।

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन के अधिकारियों ने बताया कि चेन्नई के विभिन्न हिस्सों में कुल 215 राहत केंद्र खोले गए हैं और उनमें पेयजल, भोजन और चिकित्सा जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों के लिए कुल 111 सामुदायिक रसोई में भोजन तैयार किया जा रहा है। पिछले दो दिनों में 2,78,100 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया जबकि आज सुबह 2,23,500 लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। उन्होंने बताया कि कुल 95 विशेष चिकित्सा शिविर चलाए जा रहे हैं और जल-जमाव वाले क्षेत्रों से लोगों को बचाने के लिए 107 नौकाओं को तैयार रखा गया है। इसके अलावा रुके हुए पानी को बाहर निकालने के लिए मोटरें और चेन्नई निगम के 15 क्षेत्रों में पेड़ काटने वाली मशीनें भी तैनात की गई हैं।अब तक भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण गिरे हुए 43 पेड़ों को हटा दिया गया है। अधिकारियों, इंजीनियरों और सफाई कर्मचारियों सहित कुल 22,000 कर्मियों को बारिश से निपटने के लिए तैनात किया गया है।

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