चेन्नई , मार्च 08 -- अभिनेता से राजनेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) के आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत करने की खबरें सामने आई हैं।

सूत्रों के अनुसार टीवीके ने पहले दावा किया था कि वह चुनाव अकेले लड़ेगी और भाजपा को "सांप्रदायिक तथा फासीवादी" बताते हुए उसे अपनी वैचारिक विरोधी पार्टी कहा था। इसके बाद अब पार्टी भाजपा नेतृत्व के साथ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल होने की संभावना पर बातचीत करने को लेकर चर्चा में है।

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा है कि यह बदलाव इसलिए हुआ क्योंकि टीवीके की कांग्रेस के साथ गठबंधन की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेतृत्व वाले गठबंधन से अलग होने का जोखिम लेने से इनकार कर दिया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने हाल ही में कहा था कि टीवीके के पास पर्याप्त संगठनात्मक ढांचा नहीं है और पार्टी का आधार मुख्य रूप से विजय पर ही टिका हुआ है। सूत्रों के अनुसार टीवीके नेतृत्व इस बात से भी असंतुष्ट है कि संभावित सहयोगियों को साथ लाने की जिम्मेदारी संभाल रहे पार्टी के चुनाव प्रबंधन महासचिव आधव अर्जुना अपेक्षित परिणाम नहीं ला सके।

बताया गया है कि इस प्रक्रिया के दौरान टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाली एएमएमके और प्रेमलता विजयकांत की डीएमडीके जैसी पार्टियों के साथ संभावित गठबंधन भी आगे नहीं बढ़ पाया है।

इसी पृष्ठभूमि में टीवीके ने भाजपा के साथ संवाद का रास्ता खोला है। रिपोर्टों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा रणनीतिकार अमित शाह के निर्देश पर भाजपा नेतृत्व ने टीवीके को राजग में शामिल करने की पहल की है। माना जा रहा है कि अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) और भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का मुकाबला करने के लिए टीवीके जैसे दल की आवश्यकता हो सकती है।

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