चेन्नई , जनवरी 21 -- तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों से पहले बुधवार को निष्कासित अन्नाद्रमुक नेता आर वैथिलिंगम ने पाला बदलते हुए ओ पनीर सेल्वम (ओपीएस) का खेमा छोड़ दिया और विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देकर सत्तारूढ़ द्रमुक में शामिल हो गये।
अन्नाद्रमुक सरकार में दो बार के मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री ओ पनीर सेल्वम के वफादार वैथिलिंगम तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पावु से मिलकर विधायक पद से इस्तीफा दे दिया।
तंजावुर जिले के ओराथनाडु सीट से चुने गये श्री वैथिलिंगम इस्तीफा देने के बाद द्रमुक मुख्यालय 'अन्ना अरिवालयम' गये और पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, डीएमके मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में द्रमुक में शामिल हो गये। वहां उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और मुख्यमंत्री एम के स्टालिन, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन, द्रमुक मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। उन्होंने श्री स्टालिन को फूलों का गुलदस्ता और शॉल भेंट कर द्रमुक में प्रवेश किया, जिन्होंने पार्टी में उनका स्वागत किया।
श्री वैथिलिंगम निष्कासित नेता ओ पनीरसेल्वम के कट्टर वफादार थे और उन्होंने ओपीएस का तब से पूरा समर्थन किया, जब से उन्होंने अपना 'धर्मयुद्ध' शुरू किया था। ओपीएस जो दिवंगत मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन के कारण तीसरी बार मुख्यमंत्री बने थे। उन्होंने दो महीने बाद ही जयललिता की करीबी सहयोगी वी के शशिकला के खिलाफ विद्रोह कर दिया था। शशिकला मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखती थीं, जो अधूरी ही रह गयी। ओपीएस ने फरवरी 2017 में यह आरोप लगाते हुए 'धर्मयुद्ध' शुरू किया था कि शशिकला ने उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया था।
श्री वैथिलिंगम के द्रमुक में शामिल होने से सत्ताधारी दल की चुनावी संभावनाएं बलवती हुई हैं।
द्रमुक में शामिल होने के बाद पत्रकारों से बातचीत में वैथिलिंगम ने पार्टी की योजनाओं और जन-केंद्रित शासन की सराहना की।
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