नयी दिल्ली , जनवरी 06 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को तमिलनाडु उच्च न्यायालय की थिरूपरनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित प्राचीन मंदिर में दीपक जलाने के फैसले को जारी रखने को भक्तों के लिये न्याय बताते हुये तमिलनाडु सरकार को सनतान धर्म का विरोधी बताया ।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यहां भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में मीडिया को संबोधित करते हुये तमिलनाडु उच्च न्यायालय के इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह बहुत संतोष की बात है कि अदालत ने थिरूपरनकुंद्रम पहाड़ी पर स्थित प्राचीन मंदिर के भक्तों को न्याय दिया है। इस पहाड़ी पर भगवान मुरुगन विराजमान हैं और यहां सदियों से दीपक जलाने की परंपरा चली आ रही है।
श्री गोयल ने कहा कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन, उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन और द्रमुक के कई नेता लगातार सनातन धर्म के खिलाफ बयान देते रहे हैं। उन्होंने कहा कि उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म को खत्म करने की की गई निंदनीय टिप्पणी के कुछ ही महीनों बाद थिरूपरनकुंद्रम पहाड़ी पर दीपक जलाने से रोकने की कोशिश की गई। यह सनातन विरोधी मानसिकता को दर्शाता है और इस संयोग को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
श्री गोयल ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्य सरकार ने माननीय न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ अपील की, जिसमें भक्तों को दीपक जलाने की अनुमति दी गयी थी। इससे राज्य सरकार की हिंदू विरोधी मानसिकता साफ झलकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्टालिन सरकार, उदयनिधि स्टालिन,द्रमुक और इंडिया गठबंधन के सहयोगी दलों की विचारधारा सनातन विरोधी है।
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